ऐप-आधारित ट्रांसपोर्ट में महिलाओं की सुरक्षा के लिए NCW ने जारी की गाइडलाइन्स

आज के समय में ऐप-आधारित कैब, ऑटो और बाइक टैक्सी हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं। लेकिन इन सेवाओं का इस्तेमाल करते समय महिलाओं की सुरक्षा हमेशा एक बड़ी चिंता रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने महिलाओं के लिए नई सेफ्टी गाइडलाइन्स जारी की हैं, ताकि वे बिना किसी डर के सफर कर सकें।
NCW की इन गाइडलाइन्स में ड्राइवर और वाहन के वेरिफिकेशन पर खास जोर दिया गया है। आयोग ने निर्देश दिया है कि ऐप कंपनियों को ड्राइवरों का बैकग्राउंड और पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य रूप से करना चाहिए। साथ ही, ड्राइवरों को महिलाओं की सुरक्षा के प्रति नियमित ट्रेनिंग भी दी जानी चाहिए। एक महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि यदि ड्राइवर या गाड़ी ऐप पर दी गई जानकारी से मेल नहीं खाती है, तो महिला यात्री बिना किसी पेनल्टी के राइड कैंसिल कर सकेंगी।
रात के सफर और इमरजेंसी सपोर्ट पर विशेष ध्यान
देर रात के सफर को सुरक्षित बनाने के लिए NCW ने कुछ कड़े सुझाव दिए हैं। अब कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि रात की राइड्स के लिए ड्राइवर का वेरिफिकेशन और भी मजबूत हो। यात्रियों के लिए 'सेफ-ड्रॉप' विकल्प और 24x7 इमरजेंसी सपोर्ट की सुविधा होनी चाहिए। इसके अलावा, अगर कोई ड्राइवर अचानक रास्ता बदलता है या गाड़ी काफी देर तक एक ही जगह खड़ी रहती है, तो ऐप के जरिए कंपनी और यात्री दोनों को तुरंत अलर्ट मिलना चाहिए।
गाइडलाइन्स में SOS बटन की आसान पहुंच, सीनियर महिलाओं के लिए अतिरिक्त सहायता और यात्रा के रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने की बात कही गई है ताकि किसी भी घटना की जांच में आसानी हो। NCW की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने स्पष्ट किया कि महिलाओं की सुरक्षा प्राथमिकता होनी चाहिए और उन्हें बिना किसी भय के यात्रा करने का अधिकार है।
आयोग ने राज्यों से अपील की है कि वे पुलिस, परिवहन अधिकारियों और ऐप कंपनियों के बीच बेहतर तालमेल बिठाएं ताकि शिकायतों का निपटारा तेजी से हो सके। जिन मामलों में पुलिस कार्रवाई की जरूरत होगी, उन्हें बिना किसी देरी के संबंधित अधिकारियों तक पहुँचाया जाना चाहिए।