नमो भारत के स्टेशनों पर अब दिखेगी भारतीय संस्कृति की झलक, NCRTC और IGNCA के बीच हुआ करार

अगर आप नमो भारत ट्रेन से सफर करते हैं, तो जल्द ही आपका सफर सिर्फ एक शहर से दूसरे शहर तक पहुंचने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह भारतीय इतिहास और संस्कृति की एक यात्रा बन जाएगा। NCRTC ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता (MoU) किया है, जिसका मकसद नमो भारत के स्टेशनों को कला, संस्कृति और विरासत के केंद्रों के रूप में विकसित करना है। अब यात्रियों को स्टेशनों पर ही भारत की समृद्ध परंपराओं का अनुभव करने का मौका मिलेगा।
इस साझेदारी के तहत नमो भारत स्टेशनों पर विभिन्न प्रकार की कला प्रदर्शनियां, साहित्यिक कार्यक्रम, वर्कशॉप और सांस्कृतिक शो आयोजित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य कला और संस्कृति को म्यूजियम या गैलरी से बाहर निकालकर आम लोगों के बीच लाना है, ताकि लोग अपने रोजमर्रा के सफर के दौरान भारत की विविधता और विरासत से रूबरू हो सकें।
दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर का ऐतिहासिक महत्व
यह पहल विशेष रूप से दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के लिए बहुत मायने रखती है। दिल्ली जहां सदियों से देश की राजनीतिक और सांस्कृतिक धुरी रही है, वहीं मेरठ का इतिहास महाभारत काल से लेकर 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम तक फैला हुआ है। इन दोनों ऐतिहासिक शहरों को जोड़ने वाली इस ट्रेन के स्टेशनों पर जब विरासत की झलक दिखेगी, तो यह यात्रियों के लिए एक अलग अनुभव होगा।
वर्तमान में नमो भारत कॉरिडोर पर रोजाना करीब 1.1 लाख यात्री सफर कर रहे हैं और अब तक 4.5 करोड़ से अधिक यात्राएं पूरी हो चुकी हैं। यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए NCRTC इन स्टेशनों को केवल ट्रांजिट पॉइंट नहीं, बल्कि जीवंत सोशल हब बनाना चाहता है।
इस समझौते के जरिए IGNCA अपनी विशेषज्ञता का उपयोग करके कला और विरासत का प्रचार-प्रसार करेगा, जबकि NCRTC स्टेशनों पर इसके लिए मंच उपलब्ध कराएगा। इससे न केवल आम यात्रियों को बल्कि छात्रों, कलाकारों और शैक्षणिक संस्थानों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने और सीखने का अवसर मिलेगा। अब संस्कृति के लिए लोगों को कहीं दूर जाने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि संस्कृति खुद उनके सफर के रास्ते में मिलेगी।