NCR में प्रदूषण का कहर: AQI 300 के पार, निर्माण कार्यों पर रोक और 50% वर्क फ्रॉम होम लागू

NCR में वायु गुणवत्ता बेहद खराब हो गई है। GRAP-1 लागू होने के साथ ही वर्क फ्रॉम होम और निर्माण कार्यों पर रोक जैसे कड़े कदम उठाए गए हैं।

Kittu Kumari2 November 20262 min read0 viewsNCR
NCR में प्रदूषण का कहर: AQI 300 के पार, निर्माण कार्यों पर रोक और 50% वर्क फ्रॉम होम लागू

नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) इस समय साल के सबसे प्रदूषित दौर से गुजर रहा है। 2 नवंबर 2026 तक की स्थिति के मुताबिक, हवा की गुणवत्ता में तेजी से गिरावट आई है और यह 'मॉडरेट' से सीधे 'वेरी पुअर' श्रेणी में पहुंच गई है। दिल्ली के कई मॉनिटरिंग स्टेशनों पर एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 300 के पार दर्ज किया गया है, जिससे आने वाले दिवाली के त्योहार (8 नवंबर) से पहले ही लोगों की सांसें फूलने लगी हैं।

प्रदूषण बढ़ने की मुख्य वजहों में पराली जलाना एक बड़ा कारण है, जिसका योगदान दिल्ली के कुल प्रदूषण में करीब 18.57% है। इसके अलावा गाड़ियों से निकलने वाला धुआं, धूल और मौसम का मिजाज, जैसे कम हवा की रफ्तार और गिरता तापमान, इस समस्या को और ज्यादा गंभीर बना रहे हैं।

प्रशासन ने कसी कमर: लागू हुए कड़े प्रतिबंध

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बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए 1 नवंबर से 'ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान' (GRAP) के पहले चरण (Stage I) को लागू कर दिया गया है। इसके तहत वाहनों के उत्सर्जन की जांच और धूल नियंत्रण के उपायों को सख्ती से लागू किया जा रहा है। प्रशासन ने एक बड़ा फैसला लेते हुए BS-IV या उससे पुराने उत्सर्जन मानकों वाले उन वाहनों के प्रवेश और संचालन पर रोक लगा दी है, जो दिल्ली में रजिस्टर्ड नहीं हैं। यह पाबंदी 31 जनवरी 2027 तक प्रभावी रहेगी, हालांकि इमरजेंसी सेवाओं, CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों को इससे छूट दी गई है।

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 5 और 20 नवंबर के बीच के लिए और भी सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं:

  • निर्माण कार्यों पर रोक: इस अवधि के दौरान धूल पैदा करने वाले सभी बाहरी निर्माण और तोड़-फोड़ कार्यों को पूरी तरह बंद रखा जाएगा। केवल मेट्रो, अस्पताल और स्वच्छता जैसे जरूरी सार्वजनिक बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स को ही छूट मिलेगी।
  • वर्क फ्रॉम होम: भीड़भाड़ और उत्सर्जन को कम करने के लिए दिल्ली और NCR के पांच पड़ोसी जिलों के सरकारी और निजी कार्यालयों में 50% वर्क-from-home पॉलिसी लागू करना अनिवार्य कर दिया गया है।
  • सख्ती से चेकिंग: दिल्ली परिवहन विभाग और स्थानीय पुलिस अब सड़कों पर PUC सर्टिफिकेट की सघन जांच कर रही है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) लगातार निगरानी कर रहा है। अधिकारियों का मानना है कि दिवाली के बाद प्रदूषण का स्तर और बढ़ सकता है, क्योंकि नवंबर का पहला पखवाड़ा ऐतिहासिक रूप से सबसे जहरीला समय होता है, जब त्योहारों का धुआं, पराली और वायुमंडलीय बदलाव एक साथ मिलते हैं।

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