NCR में मानसून ऑफ-रोडिंग का क्रेज, कीचड़ भरे रास्तों पर स्टंट और रेस का रोमांच

एनसीआर (NCR) में ऑफ-रोड प्रेमियों के बीच मानसून के दौरान कीचड़ और पानी वाले रास्तों पर गाड़ी चलाने का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। लोग अपनी SUVs और 4x4 गाड़ियों की ताकत की जांच करने के लिए संगठित डर्ट ट्रेल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे वीकेंड का रोमांच बढ़ गया है। जानकारों के अनुसार, इस तरह की गतिविधियों से लोगों में आपसी मेल-जोल और साझा ड्राइविंग अनुभव बढ़ता है।
महिला ड्राइवरों की बढ़ रही हिस्सेदारी
ऑफ-रोडिंग के इस दौर में एक बड़ा बदलाव यह देखने को मिल रहा है कि बड़ी संख्या में महिला ड्राइवर भी इन अभियानों में हिस्सा ले रही हैं। इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि मानसून ऑफ-रोडिंग की यह लोकप्रियता रैली रिपोर्ट्स में मिलने वाली कवरेज और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के प्रभाव के कारण बढ़ी है, जिससे इस कम्युनिटी की पहुंच और दृश्यता काफी ज्यादा फैल गई है।
आने वाली प्रतियोगिताएं और इवेंट्स
इस क्षेत्र में आयोजक अब कई बड़ी प्रतियोगिताओं की तैयारी कर रहे हैं। MotoFarm द्वारा 12 सितंबर 2026 को एक 'Slush Drag Race' का आयोजन किया जाना तय है। इसके अलावा, उत्तर भारत के सबसे बड़े ऑफ-रोड एडवेंचर पार्क Off-Road Adventure Zone (ORAZ) द्वारा 28 अक्टूबर 2026 को गुड़गांव में क्षेत्र की पहली 'Slush Cross Race' (SlushX) की योजना बनाई जा रही है। इन मुकाबलों में बाइक्स, कार्स, Gypsys, Thars और मॉडिफाइड 4x4 वाहन हिस्सा लेंगे, जहां दो ट्रैकों पर सबसे कम समय दर्ज करने वाले विजेताओं का फैसला किया जाएगा।
गाड़ी की सुरक्षा और जरूरी तैयारियां
इस दौरान सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता बनी हुई है, जिसमें गाड़ियों की तैयारी पर खास ध्यान दिया जा रहा है। विशेषज्ञ पानी से जुड़ी सुरक्षित क्रॉसिंग के लिए गाड़ियों के इलेक्ट्रॉनिक्स को वाटरप्रूफ करने और स्नॉर्कल लगाने की सलाह देते हैं, साथ ही कम पकड़ वाले माहौल से निपटने के लिए Mud-Terrain (M/T) या All-Terrain (A/T) टायरों के इस्तेमाल पर जोर दिया जाता है। खराब मौसम में सार्वजनिक सड़कों पर चलने वालों के लिए अधिकारियों का निर्देश है कि बाढ़ वाली सड़कों पर कभी भी गाड़ी न चलाएं, क्योंकि कम पानी की गहराई भी गाड़ी के संतुलन को बिगाड़ सकती है। इसके अलावा, अनिश्चित रास्तों पर फंसने के जोखिम को कम करने के लिए टो स्ट्रैप्स, डी-शैकल और विंच जैसे जरूरी रिकवरी गियर का इस्तेमाल करने की सलाह भी दी जाती है।