त्योहारी सीजन में लग्जरी घर खरीदने से पहले एनसीआर के इन खास इलाकों पर डालें एक नजर

Kittu Kumari25 September 20263 min read0 viewsNCR
त्योहारी सीजन में लग्जरी घर खरीदने से पहले एनसीआर के इन खास इलाकों पर डालें एक नजर

दिल्ली एनसीआर में इस त्योहारी सीजन में लग्जरी घर खरीदने वाले लोग गुरुग्राम और नोएडा जैसे बड़े नामों से आगे बढ़कर खास माइक्रो-मार्केट्स की तुलना कर रहे हैं। कनेक्टिविटी, बुनियादी ढांचा, सामाजिक सुविधाएं, हाउसिंग फॉर्मेट, डेवलपर की ख्याति और लंबी अवधि के मूल्य की संभावना इस फैसले को प्रभावित कर रहे हैं। हालिया बाजार डेटा इस बदलाव को साफ दिखाता है। साल 2025 में गुरुग्राम के लग्जरी हाउसिंग सेगमेंट में 10 करोड़ रुपये और उससे अधिक कीमत वाले घरों के लिए 24,120 करोड़ रुपये के ट्रांजैक्शन दर्ज किए गए। खरीदारों को अब अपनी पसंद के अनुसार सही इलाके चुनने की जरूरत है।

गोल्फ कोर्स रोड और द्वारका एक्सप्रेसवे


गोल्फ कोर्स रोड गुरुग्राम का एक स्थापित लग्जरी आवासीय इलाका बना हुआ है। इसका आकर्षण प्रीमियम रेजिडेंस, बेहतर सामाजिक बुनियादी ढांचे और कॉर्पोरेट केंद्रों, रिटेल, हॉस्पिटैलिटी, हेल्थकेयर व लीजर ठिकानों से नजदीकी के कारण है। यहां डीएलएफ, ओबेरॉय रियल्टी, एस्पिरियन डेवलपर्स और गोदरेज प्रॉपर्टीज जैसे प्रमुख डेवलपर सक्रिय हैं। द्वारका एक्सप्रेसवे बुनियादी ढांचे पर आधारित लग्जरी हाउसिंग का विकास क्षेत्र है जो दिल्ली, एयरपोर्ट और गुरुग्राम के पुराने हिस्सों को जोड़ता है। इंडिया सोसाइट्स इंटरनेशनल रियल्टी और सीआरई मैट्रिक्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एक्सप्रेसवे पर 10 करोड़ रुपये और उससे अधिक कीमत वाले घरों के लेन-देन साल 2024 के 383 करोड़ रुपये की तुलना में 2025 में बढ़कर 8,347 करोड़ रुपये हो गए।

सदरर्न पेरिफेरल रोड और न्यू गुड़गांव


सदरर्न पेरिफेरल रोड यानी एसपीआर एक रेजिडेंशियल-कमर्शियल कॉरिडोर के रूप में विकसित हो रहा है जो गुरुग्राम के कई हिस्सों को आपस में जोड़ता है। इसकी लोकेशन से स्थापित इलाकों, रोजगार केंद्रों और प्रमुख सड़क नेटवर्क तक पहुंच मिलती है। यहां एम3एम इंडिया, सेंट्रल पार्क, स्मार्टवर्ल्ड, व्हाइटलैंड और एलान ग्रुप जैसे नाम शामिल हैं। न्यू गुड़गांव सेक्टर 79 से 95 समकालीन समुदायों, बड़े घरों और नए बुनियादी ढांचे की तलाश करने वाले खरीदारों के लिए एक प्रमुख लग्जरी आवासीय गंतव्य के रूप में उभरा है। यहां डीएलएफ, ट्रेहान आइरिस, गोदरेज प्रॉपर्टीज, शोभा, एटीएस और सिग्नेचर ग्लोबल जैसी कंपनियां काम कर रही हैं।

नोएडा एक्सप्रेसवे और सिद्धार्थ विहार, गाजियाबाद


नोएडा एक्सप्रेसवे एक प्रमुख लग्जरी हाउसिंग कॉरिडोर के रूप में विकसित हुआ है, विशेषकर सेक्टर 100, 150, 151, 148 और 145 में। इसकी लोकेशन रोजगार केंद्रों, डीएनडी फ्लाईओवर और मेट्रो कनेक्टिविटी से जुड़ी है। प्रतीक ग्रुप, काउंटी ग्रुप, एस्पिरियन डेवलपर्स, एटीएस, गुलशन ग्रुप, गोदरेज प्रॉपर्टीज और मैक्स एस्टेट्स इसके मुख्य नाम हैं। इसके अलावा गाजियाबाद का सिद्धार्थ विहार भी बेहतर होती क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और नए समुदायों के साथ एक उभरते लग्जरी आवासीय गंतव्य के रूप में ध्यान आकर्षित कर रहा है जहां प्रतीक ग्रुप, गौर ग्रुप और एपेक्स ग्रुप सक्रिय हैं।

यमुना एक्सप्रेसवे, ग्रेटर नोएडा और दक्षिण दिल्ली


यमुना एक्सप्रेसवे और ग्रेटर नोएडा क्षेत्रीय बुनियादी ढांचे, एयरपोर्ट विकास और बड़े पैमाने पर शहरी विस्तार द्वारा आकार लेने वाला एक उभरता हुआ लग्जरी कॉरिडोर है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के कमर्शियल संचालन ने इसकी अहमियत बढ़ा दी है। दूसरी ओर, दक्षिण दिल्ली में सीमित जमीन, स्थापित कॉलोनियां, बिल्डर फ्लोर, स्वतंत्र आवास और कूटनीतिक जिलों से नजदीकी के कारण अलग तरह का लग्जरी माहौल है। गोल्डन ग्रोथ फंड के आंकड़ों के अनुसार, दक्षिण दिल्ली में स्वतंत्र लग्जरी फ्लोर की कीमतें Q2 2026 में साल-दर-साल 6-21% तक बढ़ गईं। त्योहारी सीजन के खरीदारों के लिए सही विकल्प वही है जो उनकी स्पेस, कनेक्टिविटी और लाइफस्टाइल की उम्मीदों पर खरा उतरे।

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