NCR के उद्योगों में लगेंगे PTZ कैमरे, अवैध ईंधन पर CAQM की पैनी नजर

नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) में प्रदूषण के बढ़ते स्तर को रोकने के लिए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब क्षेत्र के सभी उद्योगों को अपने परिसरों में Pan-Tilt-Zoom (PTZ) कैमरे लगाने होंगे। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य उद्योगों में ईंधन की खपत की रियल-टाइम निगरानी करना और यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी यूनिट नियमों के खिलाफ अनधिकृत ईंधन का इस्तेमाल न करे।
दरअसल, CAQM की फ्लाइंग स्क्वॉड ने जब गुप्त निरीक्षण (incognito inspections) किए, तो यह बात सामने आई कि कई उद्योग अभी भी उन ईंधनों का उपयोग कर रहे हैं जिन्हें मंजूरी नहीं दी गई है। यही वजह है कि क्षेत्र की हवा की गुणवत्ता और खराब हो रही है। इस समस्या से निपटने के लिए 6 अक्टूबर 2026 को यह सख्त आदेश जारी किया गया है।
निगरानी के लिए तय किए गए कड़े नियम
नए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के तहत, उद्योगों को अपने ईंधन भंडारण क्षेत्रों और चार्जिंग पॉइंट्स पर कैमरे लगाने होंगे। अगर कोई इंडस्ट्री गैस आधारित ईंधन का इस्तेमाल कर रही है, तो कैमरे को इस तरह लगाया जाएगा कि वह गैस गेज या मीटर को साफ तौर पर कैप्चर कर सके। इन कैमरों के लिए पर्याप्त पावर बैकअप होना अनिवार्य है ताकि बिजली कटने पर भी निगरानी बाधित न हो।
इन कैमरों की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि इनका वीडियो स्ट्रीम सीधे सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB), संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों (SPCBs) और दिल्ली पॉल्यूशन कंट्रोल कमेटी (DPCC) के सर्वरों पर लाइव जाएगा। इससे अधिकारी कहीं से भी यह देख सकेंगे कि इंडस्ट्री में क्या चल रहा है।
CAQM ने सभी उद्योगों को यह सिस्टम 31 अक्टूबर 2026 तक स्थापित करने की समय सीमा दी है। साथ ही, CPCB और DPCC जैसे निकायों को निर्देश दिया गया है कि वे इन वीडियो फीड्स की रिमोट मॉनिटरिंग के लिए जरूरी डिजिटल पोर्टल और इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करें। इस पूरी प्रक्रिया की स्टेटस रिपोर्ट 1 नवंबर 2026 तक CAQM को सौंपी जानी होगी।