NCR दुर्गा पूजा 2026: पंडालों में दिखेंगे बंगाल के रंग, प्रकृति और देशभक्ति की थीम पर जोर

नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) में दुर्गा पूजा 2026 को लेकर उत्साह अभी से चरम पर है। इस बार के उत्सव में बंगाल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक संदेशों के साथ पिरोया जा रहा है। शहर के विभिन्न हिस्सों में पंडालों की तैयारी जोर-शोर से चल रही है, जहां कुछ जगहों पर प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया जा रहा है, तो कहीं देशभक्ति के रंगों में रंगा माहौल होगा।
इस साल महालया 10 अक्टूबर को मनाया जाएगा, जो देवी पक्ष की शुरुआत और मां दुर्गा के आगमन का संकेत होगा। मुख्य उत्सव 16 अक्टूबर को महा षष्ठी से शुरू होकर 21 अक्टूबर को विजयादशमी तक चलेगा। 17 अक्टूबर को महा सप्तमी, 18 को महा अष्टमी और 19-20 अक्टूबर को महा नवमी के विशेष अनुष्ठान किए जाएंगे।
विविध थीम और सांस्कृतिक झलक
मयूर विहार-I स्थित 'मिलानी कल्चरल सोसाइटी' इस बार पर्यावरण संरक्षण को अपना मुख्य विषय बना रही है। सोसाइटी के अध्यक्ष मृणाल विश्वास ने बताया कि उनका पंडाल सस्टेनेबिलिटी (स्थिरता) पर केंद्रित होगा, जिसमें प्लास्टिक कचरे के पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) और हरियाली बनाए रखने के महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा।
दूसरी ओर, ग्रेटर कैलाश (GK 2) की आयोजन समिति 'वंदे मातरम' थीम के साथ आगे बढ़ रही है। आयोजक सम्राट बनर्जी के अनुसार, यह प्रोजेक्ट कला और इंस्टॉलेशन के जरिए 'भारत की आत्मा' को दर्शाएगा। इसके साथ ही यहां 'बोनेदी पुजो' की परंपरा भी निभाई जा रही है, जो कोलकाता के समृद्ध परिवारों की पारंपरिक पूजा शैली की याद दिलाती है। मूर्ति के ढांचे के निर्माण के लिए 'शुभ कथामो पुजो' की रस्म भी पूरी कर ली गई है।
सी.आर. पार्क जैसे प्रमुख केंद्रों में भी तैयारियां काफी दिलचस्प हैं। यहां विक्टोरिया मेमोरियल, जामदानी करघे, ग्रामीण बंगाल की झलक और दिग्गज अभिनेता उत्तम कुमार के शताब्दी वर्ष को समर्पित विशेष डिस्प्ले देखने को मिल सकते हैं। कुल मिलाकर, NCR के इन पंडालों के जरिए एक 'मिनी कोलकाता' बनाने की कोशिश की जा रही है, ताकि लोग बंगाल की कला, सिनेमा और सामुदायिक भावना का अनुभव कर सकें।