ग्रेटर नोएडा में NCB का बड़ा एक्शन: दो सिंथेटिक ड्रग लैब का भंडाफोड़, 50 करोड़ का सामान जब्त

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने एक बड़े ऑपरेशन 'Op Crystal Hunt' के जरिए ग्रेटर नोएडा में नशे के कारोबार पर जोरदार प्रहार किया है। गौतम बुद्ध नगर के जहानाबाद कदलपुर गांव में छापेमारी कर एनसीबी ने दो गुप्त सिंथेटिक ड्रग लैब को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। इस कार्रवाई में अधिकारियों ने भारी मात्रा में ड्रग्स बनाने का सामान बरामद किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 50 करोड़ रुपये आंकी गई है।
छापेमारी के दौरान एनसीबी ने लगभग 380 किलोग्राम एम्फ़ैटेमिन (amphetamine) सामग्री बरामद की, जो क्रिस्टल, सेमी-क्रिस्टल और लिक्विड फॉर्म में थी। इसके अलावा 10 किलोग्राम स्यूडोएफेड्रिन और बड़ी मात्रा में एसीटोन, टोलुइन और हाइड्रोक्लोरिक एसिड जैसे प्रीकर्सर केमिकल्स भी जब्त किए गए हैं। अधिकारियों का अनुमान है कि जब्त किए गए इस कच्चे माल से 56 किलोग्राम से ज्यादा तैयार क्रिस्टलीय एम्फ़ैटेमिन बनाया जा सकता था। इन लैब में औद्योगिक स्तर की मशीनें, बड़े हीटिंग मेंटल और ग्लास रिएक्शन वेसल्स का इस्तेमाल किया जा रहा था।
दो आरोपी गिरफ्तार, एक विदेशी नागरिक की पहचान उजागर
इस ऑपरेशन में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पहला आरोपी डेस्टिनी अब्राहम डम्बिरी है, जिसने खुद को नाइजीरियाई बताया। हालांकि, जब इमिग्रेशन जांच हुई तो पता चला कि वह जनवरी 2020 में सिएरा लियोन के नागरिक फ्रांसिस कालोकोह के नाम से टूरिस्ट वीजा पर भारत आया था, जिसकी समय सीमा दिसंबर 2020 में ही खत्म हो चुकी थी। दूसरा आरोपी मिजोरम की रहने वाली ललवमजुली (उर्फ ओलिविया लालचविमावी) है। चौंकाने वाली बात यह है कि वह पहले ही गोवा में हीरोइन रखने के आरोप में DRI द्वारा गिरफ्तार की जा चुकी थी और जमानत पर बाहर थी।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस कामयाबी की सराहना करते हुए इसे सरकार के 'नारकोटिक्स कंट्रोल विजन डॉक्यूमेंट 2026-2029' की एक बड़ी उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'नशामुक्त भारत' मिशन को साकार करने की दिशा में है, जिसका लक्ष्य दिसंबर 2029 तक ड्रग कार्टेल्स को पूरी तरह खत्म करना है।
इस घटना के बाद एनसीबी ने आम जनता, हाउसिंग सोसायटियों और आरडब्ल्यूए (RWA) से अपील की है कि यदि उन्हें अपने आसपास किसी भी संदिग्ध गतिविधि, जैसे रसायनों की तेज गंध या बिना अनुमति के ड्रमों का भंडारण दिखे, तो तुरंत नेशनल नारकोटिक्स हेल्पलाइन 'MANAS' के नंबर 1933 पर सूचना दें।