दिल्ली के साकेत जिला कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रहेजा डेवलपर्स लिमिटेड (RDL) के पूर्व निदेशक नयन एन रहेजा की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। विशेष न्यायाधीश (PMLA) सचिन जैन ने 19 सितंबर 2026 को यह आदेश जारी किया। कोर्ट ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) की धारा 45(1)(ii) के तहत शर्तों को पूरा न करने का हवाला दिया है। इस मामले की विस्तृत जानकारी ANi News National Category पर उपलब्ध है।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) का प्रतिनिधित्व कर रहे स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर (SPP) आनंद कीर्ति ने तर्क दिया कि नयन एन रहेजा समन मिलने के बावजूद जांच अधिकारियों के सामने पेश नहीं हुए।
कोर्ट ने कहा कि अग्रिम जमानत असाधारण परिस्थितियों के लिए होती है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल शुरुआती एफआईआर में नाम न होने से PMLA की कार्रवाई से छूट नहीं मिलती है। इस बारे में अधिक जानकारी
Court Denies Anticipatory Bail रिपोर्ट में दी गई है।
जांच के केंद्र में यह आरोप है कि रहेजा डेवलपर्स लिमिटेड ने लगभग 4,600 होमबाइयों से आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाओं के लिए बिना यूनिट दिए लगभग ₹2,425.99 करोड़ एकत्र किए।
ED का आरोप है कि इन फंडों का इस्तेमाल गैर-निर्माण उद्देश्यों के लिए किया गया। नयन एन रहेजा कंपनी में 0.81% शेयर रखते हैं और चेयरमैन व मैनेजिंग डायरेक्टर नवीन एम. रहेजा के बेटे हैं। इस मामले से जुड़ी पिछली खबर
Saket Court Grants Interim Protection में दी गई थी। अप्रैल 2026 में एनसीआर में सात ठिकानों पर छापेमारी के बाद ED ने लगभग ₹2,399.65 करोड़ की संपत्ति कुर्क की है।