नया दिल्ली कालीबारी में माँ दुर्गा की विदाई, अगले साल के स्वागत की तैयारी शुरू

राजधानी में दुर्गा पूजा की धूम के बीच अब विदाई की वह घड़ी आ गई है, जब भक्त भारी मन से माँ दुर्गा को विदा करते हैं। नया दिल्ली कालीबारी सर्वजनिन दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष गौतम बोस ने विजयादशमी के मौके पर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि जहाँ पूजा के दिन अपार खुशी लेकर आते हैं, वहीं विसर्जन का दिन मन में एक उदासी भर देता है क्योंकि माँ अपने घर वापस लौट रही हैं, लेकिन भक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ है और वे अभी से अगले साल उनके आगमन का इंतज़ार करने लगे हैं।
परंपरा और आस्था का संगम
गौतम बोस ने इस बात पर जोर दिया कि दुर्गा पूजा केवल बंगाली समुदाय तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे देश के लिए परंपरा और भावना का एक बड़ा उत्सव बन चुका है। उन्होंने बताया कि अगले साल दो अष्टमी तिथियां होने की संभावना है, जो भक्तों के लिए एक बेहद सुखद और खास बात होगी।
विजयादशमी का दिन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इसी दिन माँ दुर्गा की मूर्तियों का विसर्जन किया जाता है, जो उनके वार्षिक प्रवास के समापन का संकेत है। दिल्ली के विभिन्न पंडालों में इस उत्सव में हर समुदाय के लोग शामिल हुए। इसी कड़ी में भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने भी दिल्ली के एक पंडाल में शरदोत्सव में हिस्सा लिया, जहाँ उन्होंने पूजा-अर्चना की और सिंदूर खेला व धुनुची नृत्य की परंपराओं में शामिल हुईं।