नया दिल्ली कालीबाड़ी में भावुक विदाई, राष्ट्रपति गौतम बोस ने साझा किए अनुभव

राजधानी में शारदीय नवरात्रि और दुर्गा पूजा का उल्लास अब विदाई की घड़ी में बदल गया है। 21 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी के अवसर पर नया दिल्ली कालीबाड़ी दुर्गा पूजा का समापन हुआ। इस मौके पर समिति के अध्यक्ष गौतम बोस ने मां दुर्गा को विदाई देते हुए अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि यह पल बेहद भावुक होता है, लेकिन भक्तों के मन में अभी से अगले साल मां की वापसी का इंतजार शुरू हो गया है।
गौतम बोस ने इस उत्सव को केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि संस्कृतियों को जोड़ने वाला एक सेतु बताया। उनके अनुसार, दुर्गा पूजा परंपरा और भावना का ऐसा उत्सव है जो देश के कोने-कोने से आए लोगों को एक सूत्र में बांधता है और यह केवल बंगाली समुदाय तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें हर कोई शामिल होता है।
अगले साल की तैयारी और खास आयोजन
भविष्य के उत्सवों की बात करते हुए बोस ने एक दिलचस्प जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि अगले साल के कैलेंडर में दो अष्टमी तिथियां होने की संभावना है, जो आने वाले समय के उत्सवों के लिए एक शानदार संकेत है।
बता दें कि 16 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक चले इस भव्य आयोजन के अंतिम दिन कई दिग्गज हस्तियां भी शामिल हुईं। भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने दिल्ली के पंडाल में सिंदूर खेला और पारंपरिक धुनुची नृत्य में हिस्सा लेकर उत्सव की रौनक बढ़ाई। वहीं, कोलकाता में भी मिमी चक्रवर्ती और श्राबंती चटर्जी जैसी अभिनेत्रियों ने पारंपरिक तरीके से सिंदूर खेला मनाकर मां दुर्गा को विदाई दी।