एशियाई पैरा गेम्स में पदक जीतने के बाद नवदीप सिंह ने JLN स्टेडियम की सुविधाओं को बताया अपनी सफलता का मंत्र
एशियाई पैरा गेम्स में ब्रोंज जीतने वाले नवदीप सिंह ने बताया कि कैसे JLN स्टेडियम की सुविधाओं ने उनकी जीत में मदद की।

भारतीय भाला फेंक खिलाड़ी नवदीप सिंह ने एशियाई पैरा गेम्स 2026 में कांस्य पदक जीतने के बाद अपनी इस सफलता का श्रेय दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू (JLN) स्टेडियम में मिली बेहतरीन ट्रेनिंग को दिया है। नवदीप ने बताया कि स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) के इस स्टेडियम में मिली समर्पित सुविधाओं और मुख्य ट्रैक तक सीधी पहुंच ने उन्हें आइची-नागोया में आयोजित इस प्रतियोगिता के लिए पूरी तरह तैयार करने में मदद की।
पुरुषों की जेवलिन थ्रो F40/F41 स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने वाले नवदीप ने अपनी इस उपलब्धि को एक बड़ी सुधार के रूप में देखा, क्योंकि 2022 के संस्करण में वह चौथे स्थान पर रहे थे। पेरिस पैरालंपिक गोल्ड मेडलिस्ट नवदीप ने कहा कि JLN स्टेडियम में अभ्यास करने से उन्हें माहौल की समझ मिली और वे अपनी तैयारी पर बेहतर ध्यान केंद्रित कर सके।
मुख्य ट्रैक और सुविधाओं का मिला लाभ
नवदीप सिंह ने विशेष रूप से इस बात की सराहना की कि स्टेडियम प्रशासन ने अन्य आयोजनों, जैसे इंडियन सुपर लीग फुटबॉल मैचों के बावजूद, एशियाई खेलों की तैयारी करने वाले एथलीटों को प्राथमिकता दी। उन्होंने बताया कि स्प्रिंटर्स के लिए खाली ट्रैक मिलना बहुत जरूरी होता है और उन्हें यहाँ वह सुविधा मिली।
नवदीप ने आगे कहा, "मैं आमतौर पर बेंगलुरु, सोनीपत और गांधीनगर जैसे क्षेत्रीय केंद्रों में ट्रेनिंग करता हूँ जहाँ भीड़ कम होती है। JLN स्टेडियम में भी मुझे वैसा ही अनुभव मिला, जहाँ मुझे अपनी बारी का इंतज़ार नहीं करना पड़ा और मैं पूरी एकाग्रता के साथ अभ्यास कर सका।"
SAI JLN स्टेडियम की सफलता केवल नवदीप तक सीमित नहीं रही। यहाँ ट्रेनिंग लेने वाले भारतीय पैरा-एथलीटों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ट्रैक एंड फील्ड इवेंट्स में कुल 4 स्वर्ण, 5 रजत और 4 कांस्य पदक जीते। इनमें सिमरन शर्मा, संदीप कुमार और प्रनब सूरमा जैसे खिलाड़ियों का नाम शामिल है, जिन्होंने न केवल पदक जीते बल्कि रिकॉर्ड भी बनाए।
भारत ने इस प्रतियोगिता में कुल 114 पदकों (30 स्वर्ण, 35 रजत, 49 कांस्य) के साथ चौथा स्थान हासिल किया, जो महाद्वीपीय प्रतियोगिता में देश का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है। अकेले पैरा एथलेटिक्स के खिलाड़ियों ने 65 पदक अपने नाम किए।