पीपल्स प्लान कैंपेन 2026-27: दिल्ली में पंचायती राज मंत्रालय आयोजित करेगा राष्ट्रीय कार्यशाला
पंचायती राज मंत्रालय दिल्ली में पीपल्स प्लान कैंपेन 2026-27 पर कार्यशाला आयोजित करेगा, जिसका उद्देश्य ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाना है।

ग्रामीण भारत के विकास और जमीनी स्तर पर योजना बनाने की प्रक्रिया को और मजबूत करने के लिए पंचायती राज मंत्रालय एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। आगामी 30 अक्टूबर, 2026 को नई दिल्ली में People’s Plan Campaign 2026-27 पर एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्राम पंचायतों को इस योग्य बनाना है कि वे संविधान के अनुच्छेद 243G के अनुरूप वित्तीय वर्ष 2027-28 के लिए अपनी विकास योजनाएं (GPDP) खुद तैयार कर सकें।
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) करेंगे। कार्यशाला में मंत्रालय के सचिव विनीत जोशी, पेयजल और स्वच्छता विभाग के सचिव अशोक केके मीणा और ग्रामीण विकास विभाग के सचिव रोहित कंसल समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे। इस दौरान पीपल्स प्लान कैंपेन 2026-27 की एक विशेष बुकलेट जारी की जाएगी और इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग व बैटरी स्वैपिंग स्टेशनों की स्थापना के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर भी हस्ताक्षर होंगे।
डिजिटल गवर्नेंस और टिकाऊ विकास पर जोर
कार्यशाला के तकनीकी सत्रों में 16वें वित्त आयोग के अनुदान, स्वयं के राजस्व स्रोतों (OSR) और ग्राम पंचायत विकास योजनाओं की गुणवत्ता जैसे अहम विषयों पर चर्चा होगी। साथ ही, ई-ग्राम स्वराज पोर्टल का प्रदर्शन भी किया जाएगा ताकि अधिकारी और प्रतिनिधि इसके इस्तेमाल को बेहतर ढंग से समझ सकें।
बता दें कि "सबकी योजना, सबका विकास" की थीम के साथ इस अभियान की शुरुआत 2 अक्टूबर, 2026 को पूरे देश में की गई थी। इसका लक्ष्य संविधान की 11वीं अनुसूची के 29 विषयों को जोड़कर सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को हासिल करना है। पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए इसमें 'मेरी पंचायत ऐप', 'पंचायत निर्णय' और 'ऑडिट ऑनलाइन' जैसे डिजिटल टूल्स का सहारा लिया जा रहा है।
दिल्ली में होने वाली इस राष्ट्रीय कार्यशाला के बाद, मंत्रालय राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर ओरिएंटेशन प्रोग्राम शुरू करेगा। इसका मकसद पंचायतों को आने वाले वित्तीय वर्ष के लिए एक एकीकृत और प्रभावी योजना बनाने में मार्गदर्शन देना है।