दिल्ली एनसीआर में नेशनल समिट: स्कूल सेफ्टी टूलकिट लॉन्च, 400 से अधिक लोग हुए शामिल

नई दिल्ली में 23 जुलाई 2026 को PHD हाउस में National Summit on Safe Schools Leadership 2026 का आयोजन किया गया। ANIDEL KARAM Safety ने PHD Chamber of Commerce and Industry (PHDCCI) के साथ मिलकर इस समिट में हिस्सा लिया। इस समिट में दिल्ली एनसीआर के 90 से अधिक स्कूलों के प्रतिनिधियों, वरिष्ठ नीति निर्माताओं, सरकारी अधिकारियों, स्कूल लीडर्स, शिक्षाविदों, सेफ्टी प्रोफेशनल्स और इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स सहित 400 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इस आयोजन का उद्देश्य भारत के एजुकेशन इकोसिस्टम में संस्थागत सुरक्षा, गवर्नेंस और लीडरशिप को मजबूत करना था, जिसके तहत देश भर के 1.5 मिलियन से अधिक स्कूलों में लगभग 260 मिलियन छात्र पढ़ते हैं।
नेशनल मॉडल स्कूल सेफ्टी टूलकिट का लॉन्च
इस समिट का एक बड़ा परिणाम National Model School Safety Toolkit का लॉन्च रहा, जिसे PHDCCI Safety & Fire Committee के तहत तैयार किया गया है। यह फ्रेमवर्क पांच महत्वपूर्ण स्तंभों यानी Fire & Infrastructure Safety, Cyber Safety, Transport Safety, Mental Well-being और Emergency Preparedness पर सुरक्षा को संस्थागत बनाने के लिए प्रैक्टिकल गाइडेंस देता है। यह टूलकिट स्कूलों के लिए एक स्वैच्छिक मॉडल रिसोर्स के रूप में डिज़ाइन किया गया है, जो पूरे देश के स्कूलों में शिक्षा, जागरूकता, योजना और संस्थागत सेल्फ-असेसमेंट में मदद करता है।
मुख्य अतिथियों के विचार और बयान
दिल्ली के माननीय उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू इस समिट में Chief Guest के रूप में शामिल हुए (Source: speech-honble-lt-governor-national-summit-safe-schools-leadership-2026-phd-chamber)। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सुरक्षित लर्निंग एनवायरनमेंट एजुकेशनल एक्सीलेंस और राष्ट्र-निर्माण के लिए बहुत जरूरी है। उन्होंने बताया कि सुरक्षा केवल फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें साइबर सिक्योरिटी, मानसिक स्वास्थ्य और ट्रांसपोर्ट सेफ्टी भी शामिल हैं। PHDCCI के CEO & Secretary General डॉ. रंजीत मेहता ने राष्ट्र-निर्माण के प्रति चैंबर की प्रतिबद्धता को दोहराया और भारत के भविष्य के लिए बच्चों की सुरक्षा के महत्व पर जोर दिया। इसके अलावा, गृह मंत्रालय के फायर सर्विसेज, सिविल डिफेंस एंड होम गार्ड्स के पूर्व महानिदेशक और PHDCCI की सेफ्टी एंड फायर कमेटी के एडवाइजर श्री विवेक श्रीवास्तव ने इस टूलकिट को देश के सबसे व्यापक संदर्भ दस्तावेजों में से एक बताया।