दिल्ली में नेशनल गोधन दीपावली महोत्सव शुरू, गौ-आधारित अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
दिल्ली के जनकपुरी में नेशनल गोधन दीपावली महोत्सव शुरू हुआ, जहां गौ-आधारित अर्थव्यवस्था और उत्पादों के जरिए आत्मनिर्भरता का संदेश दिया जा रहा है।

राजधानी दिल्ली के जनकपुरी स्थित दिल्ली हाट में नेशनल गोधन दीपावली महोत्सव का शानदार आगाज हुआ है। पारंपरिक वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शुरू हुए इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य गौशालाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है। 1 नवंबर से 7 नवंबर 2026 तक चलने वाला यह महोत्सव केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि ग्रामीण रोजगार और वित्तीय स्वतंत्रता की दिशा में एक बड़ा कदम है।
इस कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय गोधन महासंगठन ने दिल्ली पर्यटन और परिवहन विकास निगम (DTTDC), दिल्ली सरकार, काउज़ोन और सनातन धर्म प्रतिनिधि सभा के सहयोग से किया है। महोत्सव में देश भर की गौशालाओं और संस्थाओं द्वारा लगभग 400 स्टॉल लगाए गए हैं, जहाँ पंचगव्य, जैविक खाद और गाय के गोबर व गोमूत्र से बने विभिन्न प्राकृतिक उत्पादों की विस्तृत श्रृंखला प्रदर्शित की गई है।
तकनीक और परंपरा का संगम
इस महोत्सव के जरिए ऐसे तकनीकी मॉडलों का प्रदर्शन भी किया जा रहा है, जो गौशालाओं को आत्मनिर्भर आर्थिक इकाई बनाने में मदद करेंगे। कार्यक्रम का एक विशेष हिस्सा उन संतों की याद को समर्पित है, जिन्होंने 7 नवंबर 1966 को संसद स्ट्रीट पर गौ-रक्षा आंदोलन के दौरान अपने प्राण न्यौछावर किए थे।
असम के पूर्व राज्यपाल प्रोफेसर जगदीश मुखी ने कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कहा कि गाय पर आधारित जीवनशैली आज के दौर की बड़ी समस्याओं, जैसे रासायनिक खेती और पर्यावरण प्रदूषण का सटीक समाधान है। उन्होंने इस पहल को एक व्यापक जन आंदोलन बनाने की अपील की। वहीं, राष्ट्रीय गोधन महासंगठन के राष्ट्रीय समन्वयक विजय खुराना ने स्पष्ट किया कि यह महोत्सव पारंपरिक संस्कृति को सहेजने और स्वदेशी उत्पादों के विकास के लिए चलाया गया एक व्यापक अभियान है।