नताशा नरवाल की विदेश यात्रा पर दिल्ली हाई कोर्ट ने मांगा जवाब, पुलिस को नोटिस

दिल्ली दंगों की बड़ी साजिश मामले में आरोपी नताशा नरवाल ने एक अकादमिक कॉन्फ्रेंस में शामिल होने के लिए यूनाइटेड किंगडम (UK) जाने की अनुमति मांगी है। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली पुलिस से जवाब तलब किया है। जस्टिस अमित बंसल ने नताशा की उस याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें उन्होंने ट्रायल कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है जिसने उन्हें विदेश जाने से रोक दिया था।
नताशा नरवाल लंदन यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ ओरिएंटल एंड अफ्रीकन स्टडीज (SOAS) में 5 से 8 नवंबर तक आयोजित होने वाली 23वीं वार्षिक हिस्टोरिकल मैटेरियलिज्म कॉन्फ्रेंस में अपना एक रिसर्च पेपर पेश करना चाहती हैं। उनके पेपर का शीर्षक “जेंडरड कार्सरल लेबर एज सोशल रिप्रोडक्शन” है। इसके साथ ही वह वहां अपनी रिसर्च से जुड़ा काम भी करना चाहती हैं, जिसके लिए उन्होंने 2 नवंबर से 1 दिसंबर 2026 तक यूके में रहने की अनुमति मांगी है।
ट्रायल कोर्ट ने क्यों लगाई थी रोक?
इससे पहले 6 अक्टूबर को ट्रायल कोर्ट ने नताशा की इस अर्जी को खारिज कर दिया था। कोर्ट का मानना था कि विदेश यात्रा का अधिकार पूर्ण नहीं होता और विशेष रूप से जब मामला गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत लंबित हो, तो यह एक महत्वपूर्ण पहलू बन जाता है। कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा कि मामला अभी चार्ज तय करने के चरण में है और UAPA के तहत लगाए गए आरोपों में उम्रकैद और कुछ परिस्थितियों में मृत्युदंड तक की सजा का प्रावधान है।
ट्रायल कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया था कि हालांकि सिर्फ आपराधिक मामला लंबित होने से कोई व्यक्ति विदेश जाने से वंचित नहीं हो जाता, लेकिन आरोपों की गंभीरता और मामले की स्थिति को देखते हुए इस समय उन्हें देश छोड़ने की अनुमति देना उचित नहीं होगा। अब हाई कोर्ट दिल्ली पुलिस के जवाब के बाद इस मामले पर गुरुवार को अगली सुनवाई करेगा।