एशियाई खेलों में ब्रोंज जीतने के बाद दिल्ली लौटे नरेंद्र बेरवाल, अब लक्ष्य 2028 ओलंपिक

Kittu Kumari4 October 20261 min read0 viewsDelhi Local
एशियाई खेलों में ब्रोंज जीतने के बाद दिल्ली लौटे नरेंद्र बेरवाल, अब लक्ष्य 2028 ओलंपिक

जापान में आयोजित एशियाई खेलों 2026 में पदक जीतकर लौटे भारतीय मुक्केबाजों का नई दिल्ली में जोरदार स्वागत किया गया। इस दल में हैवीवेट मुक्केबाज नरेंद्र बेरवाल भी शामिल थे, जिन्होंने पुरुषों की +90 किलोग्राम श्रेणी में कांस्य पदक अपने नाम किया है। देश लौटने पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए नरेंद्र ने बताया कि अब उनका पूरा ध्यान 2028 के लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने पर है।

नरेंद्र ने अपनी इस सफलता का श्रेय कोचिंग और सपोर्ट स्टाफ को दिया। उन्होंने कहा कि टीम के सहयोग की वजह से ही वे इस बड़े इवेंट में एक मजबूत शुरुआत कर पाए और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दे सके। हालांकि, सेमीफाइनल मुकाबले में उन्हें कड़े संघर्ष के बाद हार का सामना करना पड़ा, जहां वे मौजूदा विश्व चैंपियन आइबेक ओरालबाय के सामने नहीं टिक सके और सर्वसम्मति से फैसला उनके खिलाफ गया।

भारतीय मुक्केबाजी का ऐतिहासिक प्रदर्शन

इस बार एशियाई खेलों में भारतीय मुक्केबाजी दल ने शानदार प्रदर्शन किया। नरेंद्र के अलावा लवलिना बोरगोहेन, परवीन हुड्डा और अंकुश पांगल ने स्वर्ण पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया। कुल मिलाकर भारत ने मुक्केबाजी में छह पदक (तीन स्वर्ण और तीन कांस्य) जीते, जो स्वर्ण पदकों की संख्या के लिहाज से भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है।

भारतीय मुक्केबाजी संघ (BFI) के अध्यक्ष अजय सिंह ने इस उपलब्धि को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि उज्बेकिस्तान, कजाकिस्तान और चीन जैसे दिग्गजों को पीछे छोड़कर नंबर एक पर आना एक अद्भुत उपलब्धि है। उन्होंने इस सफलता के पीछे विदेशी स्पैरिंग पार्टनर्स, अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप के अनुभव और कैंप के सकारात्मक माहौल को मुख्य कारण बताया।

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