नरेला मंडी में भारी बारिश का कहर: खुले में रखा अनाज बर्बाद, किसानों को लगा बड़ा झटका

दिल्ली की नरेला न्यू ग्रेन मार्केट में गुरुवार को मौसम ने किसानों की कमर तोड़ दी। अचानक हुई भारी बारिश की वजह से मंडी में खुले में रखा भारी मात्रा में अनाज पूरी तरह बर्बाद हो गया है। मौसम विभाग (IMD) ने पहले ही गरज-चमक और बारिश की चेतावनी जारी की थी, लेकिन पर्याप्त शेड और सुरक्षित स्टोरेज की कमी के कारण फसलें पानी की मार झेलने के लिए मजबूर रहीं।
इस हादसे से सबसे ज्यादा प्रभावित वे किसान हैं जो उत्तर प्रदेश के एटा और जलेश्वर जैसे दूर-दराज के इलाकों से अपनी फसल लेकर आए थे। किसानों का आरोप है कि मंडी में उपलब्ध टिन शेड और टेंट इतने कम हैं कि वे पूरी फसल को बचाने के लिए नाकाफी साबित हुए। एक पीड़ित किसान ने बताया कि उसकी करीब 200 क्विंटल अनाज बारिश में भीग गया, जिससे उसे भारी वित्तीय नुकसान हुआ है। अब परेशान किसान सरकार से मुआवजे की गुहार लगा रहे हैं।
लॉजिस्टिक्स की कमी और सिस्टम पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर कृषि लॉजिस्टिक्स और मंडी प्रबंधन की पोल खोल दी है। शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रमजीत सिंह मजीठिया ने इसे एक सिस्टम फेल्योर करार दिया है। उनका कहना है कि अनाज की खरीद और उसे मंडी से उठाने की प्रक्रिया इतनी धीमी है कि फसलें लंबे समय तक खुले में पड़ी रहती हैं, जिससे मौसम बदलने पर ऐसी आपदाएं आती हैं।
नरेला मंडी में स्टोरेज क्षमता को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं, लेकिन इस ताजा नुकसान के बाद अभी तक दिल्ली सरकार या स्थानीय मार्केट मैनेजमेंट की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। किसानों के बीच इस बात को लेकर गहरा आक्रोश है कि चेतावनी के बावजूद उनकी फसल को सुरक्षित रखने के इंतजाम नहीं किए गए।