नरेला DDA हाउसिंग प्रोजेक्ट: एलजी ने बुनियादी सुविधाओं को सुधारने के दिए सख्त निर्देश
दिल्ली एलजी तरणजीत सिंह संधू ने नरेला में डीडीए हाउसिंग प्रोजेक्ट्स का निरीक्षण किया और बुनियादी सुविधाओं को सुधारने के आदेश दिए।

दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) और दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) के अध्यक्ष तरणजीत सिंह संधू ने सोमवार, 2 नवंबर 2026 को नरेला सब-सिटी का दौरा किया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य वहां चल रहे आवास और बुनियादी ढांचे के विकास कार्यों का जायजा लेना था। एलजी ने स्पष्ट किया कि केवल घर बना देना काफी नहीं है, बल्कि निवासियों के लिए जरूरी नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
यह दौरा 'आवास निवेश योजना 2026' की सफलता के बाद हुआ है। इस योजना के तहत पॉकेट 1, सेक्टर G2-G6 में 1,648 अतिरिक्त लोअर इनकम ग्रुप (LIG) फ्लैट्स पेश किए गए थे। इन फ्लैट्स को लगभग 14.95 लाख रुपये की रियायती कीमत (25% छूट) पर "पहले आओ, पहले पाओ" के आधार पर उपलब्ध कराया गया। इससे पहले भी 2,500 से अधिक यूनिट्स के लिए भारी मांग देखी गई थी, जहां रजिस्ट्रेशन महज दो घंटों में ही बंद हो गए थे।
सुरक्षा और नागरिक सुविधाओं पर जोर
बढ़ती आबादी और मांग को देखते हुए एलजी संधू ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने डीडीए अधिकारियों को आदेश दिया कि दिल्ली पुलिस के लिए तुरंत निर्मित स्थान (built-up space) उपलब्ध कराया जाए, ताकि पुलिस स्टेशन, चौकियों और बीट ऑफिसों की स्थापना हो सके। यह कदम इलाके में आपराधिक गतिविधियों और ड्रग्स से जुड़ी घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए उठाया गया है।
बुनियादी सुविधाओं को लेकर उन्होंने अन्य विभागों को भी कड़े निर्देश दिए हैं:
- MCD: इलाके में साफ-सफाई और स्वच्छता व्यवस्था में सुधार करना।
- दिल्ली जल बोर्ड: पानी की आपूर्ति और सीवरेज सिस्टम की स्थिरता सुनिश्चित करना।
- DTC: परिवहन कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना ताकि लोगों को आने-जाने में दिक्कत न हो।
उपराज्यपाल ने चेतावनी दी कि इन सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सेक्टर G7/G8 में नियोजित इंटीग्रेटेड एजुकेशन हब की प्रगति का आकलन किया और लैंड पूलिंग पॉलिसी के तहत सेक्टर 8B (जोन P-II) के विकास की तैयारियों की भी समीक्षा की। प्रशासन का लक्ष्य नरेला में बुनियादी ढांचे की उन पुरानी कमियों को दूर करना है, जिनकी वजह से पहले लोग यहां बसने से कतराते थे।