नरैना फ्लाईओवर हिट एंड रन: दिल्ली पुलिस ने राजस्थान के शख्स को दबोचा
दिल्ली पुलिस ने नरैना फ्लाईओवर पर हुए दर्दनाक हादसे के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। जानें कैसे 100 CCTV कैमरों की मदद से पकड़ा गया कातिल।

दिल्ली पुलिस ने नरैना फ्लाईओवर पर हुए एक दर्दनाक हिट एंड रन मामले में बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने इस हादसे के आरोपी 34 वर्षीय इन्नास खान को गिरफ्तार कर लिया है, जो राजस्थान के अलवर का रहने वाला है। यह पूरा मामला 24 साल के प्रिंस सिंघल की मौत से जुड़ा है, जिन्होंने एक भीषण सड़क हादसे में अपनी जान गंवा दी थी।
घटना 24 अक्टूबर 2026 की है, जब प्रिंस सिंघल गुरुग्राम में अपनी नाइट शिफ्ट खत्म कर स्कूटर से पीतमपुरा स्थित अपने घर लौट रहे थे। रास्ते में बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) के सामने नरैना फ्लाईओवर पर उन्हें एक तेज रफ्तार वाहन ने टक्कर मार दी। प्रिंस गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिले, जिन्हें तुरंत दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
100 CCTV कैमरों और एक गवाह ने खोला राज
इस केस में कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं था, जिससे पुलिस के लिए चुनौती बढ़ गई थी। लेकिन पुलिस ने हार नहीं मानी और इलाके के करीब 100 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान उन 50 से 60 वाहनों की पहचान की गई जो उस समय फ्लाईओवर से गुजरे थे। इन सभी वाहन मालिकों को मोटर वाहन अधिनियम की धारा 133 के तहत नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया गया।
जांच में असली मोड़ तब आया जब सोनू नाम के एक गवाह ने पुलिस को बताया कि उसने एक लाल रंग की ओपन-बॉडी गाड़ी को पीड़ित के स्कूटर से टकराते देखा था। इस अहम सुराग के बाद पुलिस ने ट्रक के मालिक का पता लगाया, जिसने पुष्टि की कि हादसे के वक्त गाड़ी इन्नास खान चला रहा था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर वाहन को भी जब्त कर लिया है।
गौरतलब है कि इस मामले में प्रिंस की बहन दिया सिंघल ने सोशल मीडिया के जरिए काफी मुहिम चलाई थी। उन्होंने डैशकैम फुटेज की अपील की थी और जांच की धीमी रफ्तार के साथ-साथ इलाके में बंद पड़े CCTV कैमरों पर भी सवाल उठाए थे, जिसके बाद मामले में तेजी आई।