दिल्ली पुलिस ने नंदू-बंबीहा गैंग के दो शूटरों को किया गिरफ्तार, कनाडा के गैंगस्टर के इशारे पर रची थी साजिश

Kittu Kumari19 August 20263 min read124 viewsDelhi Local
दिल्ली पुलिस ने नंदू-बंबीहा गैंग के दो शूटरों को किया गिरफ्तार, कनाडा के गैंगस्टर के इशारे पर रची थी साजिश

नई दिल्ली में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कुख्यात कपिल सांगवान उर्फ नंदू और बंबीहा गैंग से जुड़े दो शूटरों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर बवाना-कंझावला रोड स्थित बजीतपुर क्रॉसिंग बस स्टॉप के पास से की गई है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान पंजाब के अमृतसर निवासी हरमनजीत सिंह और लुधियाना निवासी हर्षदीप सिंह उर्फ बिल्ला के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, ये दोनों आरोपी दिल्ली के छावला और पंजाब के लुधियाना में हुई फायरिंग की दो वारदातों में वांछित थे और कनाडा में बैठे गैंगस्टर देवेंद्र सिंह उर्फ गोपी लाहोरिया के निर्देश पर काम कर रहे थे। पुलिस ने इनके कब्जे से दो सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और सात जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए royalbulletin.in पर जा सकते हैं।

शूटरों का प्लान और दिल्ली में वारदातों की शुरुआत

पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि दोनों आरोपी 14 अगस्त को बस से दिल्ली आए थे और द्वारका मोड़ के पास एक होटल में ठहरे थे। इन्हें मोबाइल पर एक व्यक्ति की तस्वीर भेजकर उसे खत्म करने का टारगेट दिया गया था। इसके बाद 15 अगस्त को इन्होंने ईस्ट दिल्ली से दो हथियार और 19 कारतूस लिए थे, जिसके बदले इन्हें मोटी रकम देने का वादा किया गया था। 16 अगस्त को दोनों टारगेट के इलाके में पहुंचे और संबंधित व्यक्ति को अंडे की दुकान पर देखा। जब वह व्यक्ति दुकान से निकलकर घर भागा, तो दोनों उसके पीछे घर में घुस गए। हालांकि, घर के अंदर महिलाएं और बच्चे दिखने पर उन्होंने गोली नहीं चलाई और मौके से फरार हो गए, लेकिन इस दौरान घर पर फायरिंग की घटना हुई जिसमें कोई घायल नहीं हुआ। इस मामले में छावला थाने में मामला दर्ज किया गया है।

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लुधियाना में फायरिंग और दोबारा दिल्ली वापसी

छावला की घटना के बाद दोनों आरोपी 17 अगस्त को लुधियाना के ‘पिज़्ज़ा फ्रॉम मेक्सिको’ इलाके में पहुंचे, जहां हर्षदीप ने हवा में दो गोलियां चलाईं और इसके बाद दोनों फरार हो गए। इस मामले में लुधियाना के सराभा नगर थाने में मुकदमा दर्ज है। इसके बाद गोपी लाहोरिया के निर्देश पर दोनों 18-19 अगस्त को दोबारा दिल्ली लौटे और अपने अधूरे टारगेट को पूरा करने की तैयारी करने लगे। 19 अगस्त को नजफगढ़ की ओर जाते समय क्राइम ब्रांच ने इन्हें दबोच लिया। आरोपियों को शुरुआत में करीब 30 हजार रुपये दिए गए थे और वारदात के बाद बड़ी रकम देने का वादा किया गया था। जांच में पता चला कि यह फायरिंग उमेद सिंह को टारगेट करने के लिए की गई थी, जो 2024 में मारे गए बल्लू पहलवान के भाई हैं। बल्लू पहलवान की हत्या के पीछे कपिल सांगवान उर्फ नंदू का हाथ होने का आरोप है।

आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास

पुलिस की जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि हर्षदीप सिंह पर पंजाब में हत्या, जेल में मोबाइल रखने, एनडीपीएस और आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज हैं और वह जून 2026 में लुधियाना जेल से बाहर आया था। वहीं हरमनजीत सिंह के खिलाफ चोरी और लूट के मामले दर्ज हैं तथा वह जुलाई 2026 में जेल से रिहा हुआ था। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही है और गैंग के अन्य सदस्यों तथा हथियारों की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास कर रही है। इस मामले की जांच अभी जारी है।

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