दिल्ली में 'नमो यमुना रिवर सफारी' का ट्रायल शुरू, अब क्रूज पर घूमेंगे लोग
दिल्ली में पहली बार Namo Yamuna रिवर सफारी शुरू हो रही है। जानें टिकट की कीमत, रूट और इस खास इलेक्ट्रिक क्रूज की पूरी डिटेल।

दिल्ली की यमुना नदी अब सिर्फ प्रदूषण की खबरों के लिए नहीं, बल्कि पर्यटन के लिए भी जानी जाएगी। दिल्ली सरकार ने सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को शहर की पहली रिवर क्रूज सेवा 'नमो यमुना रिवर सफारी' का ट्रायल रन शुरू कर दिया है। यह एक सॉफ्ट लॉन्च है, जिसके तहत अगले चार से पांच दिनों तक ट्रायल चलाया जाएगा और इसके बाद ही इस सेवा का औपचारिक उद्घाटन होगा।
यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट दिल्ली सरकार, भारत सरकार, Inland Waterways Authority of India (IWAI), DDA, दिल्ली जल बोर्ड और दिल्ली पर्यटन विभाग (DTTDC) जैसे कई विभागों के साझा प्रयासों का नतीजा है। करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह प्रोजेक्ट दिल्ली के पर्यटन में एक नया अध्याय जोड़ने जा रहा है।
किराया, रूट और क्रूज की खासियतें
अगर आप इस रिवर सफारी का आनंद लेना चाहते हैं, तो इसकी कुछ खास बातें आपको जाननी चाहिए:
- रूट और समय: यह क्रूज सोनिया विहार और जगतपुर के बीच चलेगा। वजीराबाद बैराज के ऊपरी हिस्से में 5 किलोमीटर के दायरे में यह 40 मिनट की सवारी होगी।
- टिकट की कीमत: इस अनुभव के लिए प्रति यात्री 500 रुपये का किराया तय किया गया है।
- इको-फ्रेंडली बोट: 'नमो यमुना' नाम का यह क्रूज इलेक्ट्रिक-सोलर हाइब्रिड तकनीक पर आधारित है। मुंबई की इंस्पिरेशन मरीन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा निर्मित यह 40 फीट लंबा कैटामारन स्टाइल जहाज है, जिसे खास तौर पर नदी के उथले हिस्सों के लिए डिजाइन किया गया है।
- क्षमता और सुरक्षा: एक बार में इसमें अधिकतम 30 यात्री सवार हो सकते हैं। सुरक्षा के लिए लाइफ जैकेट और पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम जैसी आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं।
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने इस पहल को पर्यावरण के अनुकूल पर्यटन और कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने वाला बताया है। वहीं, उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा की है। पूरी तरह शुरू होने के बाद, यह सेवा सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक उपलब्ध होगी। यात्रियों की सुविधा के लिए तट पर टिकटिंग रूम, चार्जिंग स्टेशन, वेटिंग एरिया और पार्किंग जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।