नमो यमुना रिवर सफारी का ट्रायल रन शुरू, सीएम रेखा गुप्ता ने किया निरीक्षण
सीएम रेखा गुप्ता ने नमो यमुना रिवर सफारी के ट्रायल रन का निरीक्षण किया। छठ पर्व से पहले शुरू होगी यह शानदार क्रूज सेवा।

दिल्ली की यमुना नदी अब पर्यटन के एक नए केंद्र के रूप में उभरने वाली है। सोमवार, 26 अक्टूबर को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 'नमो यमुना रिवर सफारी' प्रोजेक्ट के ट्रायल रन का निरीक्षण किया। सोनिया विहार से जगतपुर तक चलने वाली यह क्रूज सेवा दिल्लीवासियों के लिए मनोरंजन और पर्यटन का एक शानदार अनुभव लेकर आएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ मिलकर प्रोजेक्ट की प्रगति और यात्रियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया।
इस खास मौके पर मुख्यमंत्री ने यमुना नदी के सांस्कृतिक महत्व पर जोर दिया और कहा कि इस पहल का उद्देश्य राजधानी में पर्यटन और मनोरंजन के अवसरों को बढ़ाना है। सरकार की योजना इस सफारी को छठ महापर्व से पहले औपचारिक रूप से शुरू करने की है।
सफारी की खासियतें और किराया
यह प्रोजेक्ट करीब छह किलोमीटर के दायरे में फैला हुआ है, जिसमें केवल क्रूज ही नहीं बल्कि फूड कियोस्क, रेस्टोरेंट और बच्चों के लिए एक खास 'किड्स जोन' भी बनाया गया है। अधिकारियों के अनुसार, इस क्रूज की क्षमता 30 यात्रियों की है। सोनिया विहार से जगतपुर स्थित शनि मंदिर तक की एक राउंड ट्रिप में करीब 35 से 45 मिनट का समय लगेगा।
इस सेवा के लिए किराए और एंट्री फीस का भी ब्यौरा सामने आया है। पूरे क्रूज सफर के लिए प्रस्तावित किराया 500 रुपये रखा गया है, जबकि कॉम्प्लेक्स में प्रवेश के लिए 50 रुपये की फीस होगी। फिलहाल एक हफ्ते तक इसका ट्रायल रन चलेगा और उम्मीद है कि नवंबर के पहले हफ्ते में इसे正式 रूप से लॉन्च कर दिया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान मौजूद पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने बताया कि इस प्रोजेक्ट में बोट राइड के अलावा म्यूजिक फाउंटेन, वॉटर स्पोर्ट्स और फूड पार्क जैसी सुविधाएं शामिल हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पूरा प्रोजेक्ट नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) और पर्यावरण मानकों का पालन करते हुए तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि पर्यटन के विकास के साथ-साथ यमुना की स्वच्छता और उसके पारिस्थितिकी तंत्र का संरक्षण सरकार की प्राथमिकता रहेगी।
इस बड़े प्रोजेक्ट को सफल बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर तालमेल देखा गया है, जिसमें भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण, डीडीए (DDA), दिल्ली टूरिज्म एंड ट्रांसपोर्टेशन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (DTTDC), सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग और दिल्ली जल बोर्ड जैसी एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं।