छठ पूजा से पहले दिल्ली में शुरू होगी 'नमो यमुना रिवर सफारी', जानें किराया और रूट
छठ पूजा से पहले दिल्ली सरकार नमो यमुना रिवर सफारी शुरू कर रही है। जानें टिकट दाम और रूट की पूरी जानकारी।

राजधानी दिल्ली में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली सरकार एक शानदार पहल करने जा रही है। छठ पूजा के त्योहार से पहले शहर में नमो यमुना रिवर सफारी की शुरुआत की जाएगी। इस सेवा की तैयारी पूरी करने के लिए सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 से ट्रायल रन शुरू कर दिए गए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने खुद क्रूज की सवारी कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और यह सुनिश्चित किया कि पर्यटकों को कोई परेशानी न हो।
यह पूरी सेवा नवंबर के पहले हफ्ते तक पूरी तरह से चालू हो जाएगी, क्योंकि फिलहाल एक हफ्ते का ट्रायल पीरियड चलाया जा रहा है। अगर आप इस सफारी का आनंद लेना चाहते हैं, तो इसकी टिकटें दिल्ली टूरिज्म की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध होंगी।
किराया, समय और रूट की पूरी जानकारी
नमो यमुना रिवर सफारी को आम जनता के लिए किफायती और सुविधाजनक बनाया गया है। इसकी विस्तृत जानकारी नीचे दी गई है:
- टिकट दरें: सुविधा केंद्र में प्रवेश के लिए 50 रुपये का शुल्क होगा, जबकि क्रूज राइड के लिए प्रति यात्री 500 रुपये निर्धारित किए गए हैं।
- रूट: यह क्रूज वजीराबाद बैराज के ऊपरी हिस्से में सोनिया विहार से जगतपुर स्थित शनि मंदिर के बीच 4 से 6 किलोमीटर के दायरे में चलेगा। इस हिस्से को इसलिए चुना गया है क्योंकि यहां पानी अपेक्षाकृत साफ और गहरा है।
- समय और क्षमता: हर नाव में करीब 30 यात्री सफर कर सकेंगे। सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे के बीच रोजाना कम से कम चार ट्रिप किए जाएंगे। एक चक्कर में 35 से 45 मिनट का समय लगेगा।
इन क्रूज जहाजों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। इनमें एयर कंडीशनिंग, जीरो-डिस्चार्ज बायो-टॉयलेट्स, पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम और सुरक्षा उपकरण मौजूद हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इस पहल का मकसद लोगों का नदी के साथ सांस्कृतिक और भावनात्मक जुड़ाव पैदा करना है, ताकि परिवार के साथ घूमने के लिए एक बेहतरीन जगह मिल सके।
इस प्रोजेक्ट के जरिए न केवल पर्यटन बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक विकास के अवसर भी पैदा होंगे। गौरतलब है कि कालिंदी कुंज की ओर 15 किलोमीटर के दायरे में नदी को साफ करने के लिए केंद्र सरकार की 8910 करोड़ रुपये की योजना पर काम चल रहा है, जिसमें सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और नालों के डायवर्जन पर जोर दिया गया है। इस पूरी परियोजना में दिल्ली सरकार के साथ-साथ IWAI, DDA, दिल्ली जल बोर्ड और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग मिलकर काम कर रहे हैं।