नमो भारत का विस्तार: दिल्ली-पानीपत और दिल्ली-गुरुग्राम कॉरिडोर को जल्द मिल सकती है मंजूरी

Kittu Kumari20 October 20262 min read0 viewsNCR
नमो भारत का विस्तार: दिल्ली-पानीपत और दिल्ली-गुरुग्राम कॉरिडोर को जल्द मिल सकती है मंजूरी

NCRTC (नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन) अब दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाने की तैयारी में है। जल्द ही दो नए नमो भारत कॉरिडोर यानी रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) रूटों को हरी झंडी मिल सकती है। ये नए रूट दिल्ली-पानीपत-करनाल और दिल्ली-गुरुग्राम-बहरोर कॉरिडोर होंगे, जिससे एनसीआर में सफर करना और भी आसान हो जाएगा।

इस महत्वपूर्ण जानकारी का खुलासा भारत मंडपम में नमो भारत सेवा के तीन साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान हुआ। इस मौके पर केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल और राज्य मंत्री तोखन साहू मौजूद थे। मंत्री मनोहर लाल ने जोर देकर कहा कि रैपिड रेल नेटवर्क क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के एक नए युग की शुरुआत कर रहा है, जिससे रोजगार और व्यापार के नए अवसर खुलेंगे और आर्थिक विकास को रफ्तार मिलेगी।

इन रूटों से बदलेगी सफर की तस्वीर

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नए प्रोजेक्ट्स की बात करें तो दिल्ली-पानीपत-करनाल कॉरिडोर करीब 136.30 किलोमीटर लंबा सेमी-हाई-स्पीड रेल लिंक होगा। इस बड़े प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 33,000 करोड़ रुपये से 34,740 करोड़ रुपये के बीच बताई जा रही है। हालांकि हरियाणा सरकार ने मार्च 2026 में इसे मंजूरी दे दी थी और दिसंबर 2020 में ही डीपीआर (DPR) को हरी झंडी दे दी थी, लेकिन अब यह प्रोजेक्ट दिल्ली और केंद्र सरकार की अंतिम मंजूरी का इंतजार कर रहा है।

वहीं, दिल्ली-गुरुग्राम-बहरोर कॉरिडोर दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के बीच एक महत्वपूर्ण ट्रांसपोर्ट ब्रिज का काम करेगा। इसके अलावा, NCRTC दो और रूटों यानी गाजियाबाद-जेवर और नोएडा-फरीदाबाद-गुरुग्राम कॉरिडोर के लिए डीपीआर तैयार करने के अंतिम चरण में है।

वर्तमान में चल रहे दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर की सफलता भी देखने लायक है। 82 किलोमीटर लंबे इस रूट पर अब तक 4.5 करोड़ से ज्यादा यात्री सफर कर चुके हैं। रोजाना करीब 1.1 लाख लोग इसका इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि एक दिन में अधिकतम 1.68 लाख यात्रियों का रिकॉर्ड दर्ज किया गया है।

सबसे बड़ी सुविधा यह होगी कि जब दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ, दिल्ली-पानीपत-करनाल और दिल्ली-गुरुग्राम-SNB के पहले चरण पूरे हो जाएंगे, तो ये सभी सराय काले खां स्टेशन पर आपस में जुड़ जाएंगे। इसका मतलब है कि यात्रियों को ट्रेन बदलने की जरूरत नहीं होगी और वे बिना किसी रुकावट के पूरे नेटवर्क में सफर कर सकेंगे।

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