नमो भारत दिवस 2026: क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के 3 सफल साल, 4.5 करोड़ से ज्यादा यात्रियों ने किया सफर

NCRTC ने 'नमो भारत दिवस 2026' के जरिए नमो भारत रेल के संचालन के तीन शानदार साल पूरे होने का जश्न मनाया। यह आयोजन केवल एक सालगिरह नहीं, बल्कि क्षेत्रीय गतिशीलता (regional mobility) में आए एक बड़े बदलाव की कहानी है। इस खास मौके पर केंद्रीय आवास और शहरी मामलों तथा बिजली मंत्री मनोहर लाल समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने इस प्रोजेक्ट की उपलब्धियों और भविष्य के रोडमैप पर चर्चा की।
इस अवसर पर नमो भारत की अब तक की यात्रा को एक फिल्म के जरिए दिखाया गया। इसमें न केवल तकनीकी नवाचारों को प्रदर्शित किया गया, बल्कि पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी दिखाते हुए 'सोलर ऑन ट्रैक' और 110 मेगावाट के कैप्टिव सोलर पावर प्लांट जैसे initiatives पर भी जोर दिया गया, ताकि प्रोजेक्ट आर्थिक और पर्यावरणीय रूप से टिकाऊ बना रहे।
सफर की रफ्तार और यात्रियों का भरोसा
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने इस मौके पर कहा कि नमो भारत सिर्फ एक नाम नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र प्रथम की भावना और समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि 20 अक्टूबर 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटन के बाद से, 82 किलोमीटर लंबे दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर पर अब तक 4.5 करोड़ से अधिक यात्री सफर कर चुके हैं। यह आंकड़ा इस आधुनिक और सुरक्षित परिवहन प्रणाली के प्रति लोगों के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।
नमो भारत की सफलता के कुछ मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- दैनिक यात्री: वर्तमान में रोजाना 1.1 लाख से अधिक यात्री इस सेवा का लाभ उठा रहे हैं।
- रिकॉर्ड राइडरशिप: एक ही दिन में सबसे अधिक 1.68 लाख यात्रियों के सफर करने का रिकॉर्ड बनाया गया है।
- विस्तार: अक्टूबर 2023 में साहिबाबाद और दुहाई डिपो के बीच 17 किमी के प्रायोरिटी सेक्शन से शुरू हुआ यह सफर 22 फरवरी 2026 को पूरे 82 किमी कॉरिडोर और मेरठ मेट्रो के रूप में देश को समर्पित किया गया।
NCRTC के मैनेजिंग डायरेक्टर शलभ गोयल ने इस विजन को हकीकत में बदलने के लिए पूरी टीम और उनके परिवारों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि लक्ष्य एक सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन प्रणाली विकसित करना था, जिसे आज जमीन पर उतारा जा चुका है।
भविष्य की योजनाओं की बात करें तो दिल्ली-पानीपत-करनाल और दिल्ली-गुरुग्राम-बहरोर जैसे दो और प्रायोरिटी कॉरिडोर को जल्द ही मंजूरी मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, गाजियाबाद-जेवर और नोएडा-फरीदाबाद-गुरुग्राम कॉरिडोर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का काम चल रहा है।