नजफगढ़ में खूनी संघर्ष: बेटे को बचाने आई मां की जान गई, आरोपी गिरफ्तार

Kittu Kumari19 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
नजफगढ़ में खूनी संघर्ष: बेटे को बचाने आई मां की जान गई, आरोपी गिरफ्तार

दिल्ली के नजफगढ़ इलाके में आपसी रंजिश के चलते हुए एक हिंसक टकराव ने बेहद दुखद मोड़ ले लिया है। ओल्ड रोशनपुरा इलाके में हुई चाकूबाजी की एक वारदात में 45 वर्षीय नर्सरी टीचर सीमा ऋषि की मौत हो गई। यह पूरी घटना तब हुई जब सीमा अपने बेटे को बचाने के लिए बीच-बचाव करने पहुंची थीं, लेकिन इस दौरान वह गहरे जख्मों का शिकार हो गईं। नजफगढ़ चाकूबाजी मामला अब पुलिस की गहन जांच के दायरे में है।

जानकारी के मुताबिक, यह हिंसक झड़प 15 अक्टूबर की रात करीब 11:49 बजे हुई। बताया जा रहा है कि मृतक के बेटे ध्रुव ऋषि और मुख्य आरोपी 30 वर्षीय सतीश लंबा के बीच पुरानी दुश्मनी चल रही थी। इस टकराव की जड़ें करीब दस दिन पहले हुए एक विवाद में थीं, जिसमें ध्रुव के सहयोगी देव बक्षी और सतीश लंबा के बीच कहासुनी हुई थी। इसी रंजिश का बदला लेने के लिए यह हमला किया गया।

परिवार के सदस्य घायल, आरोपी अस्पताल से गिरफ्तार

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इस खूनी संघर्ष के दौरान सीमा ऋषि के अलावा उनके पति कमल ऋषि और बेटे ध्रुव भी घायल हुए। गंभीर रूप से घायल सीमा को तुरंत दीन दयाल उपाध्याय (DDU) अस्पताल ले जाया गया, लेकिन दो दिन बाद 17 अक्टूबर को उन्होंने दम तोड़ दिया। वहीं, आरोपी सतीश लंबा की बाईं जांघ में गहरा घाव हुआ था, जिसके चलते उसे पहले RTRM अस्पताल और फिर सफदरजंग अस्पताल ले जाना पड़ा।

पुलिस ने कमल ऋषि के बयान पर एफआईआर नंबर 476/2026 दर्ज कर 16 अक्टूबर को सतीश लंबा को गिरफ्तार कर लिया था। सीमा की मौत के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कानूनी धाराओं को और सख्त कर दिया है।

इस मामले में अब क्रॉस-एफआईआर की स्थिति बन गई है। आरोपी सतीश लंबा ने आरोप लगाया है कि ध्रुव ऋषि, अफ़ज़ल और देव बक्षी ने पहले हमला शुरू किया था। दिल्ली पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों की जांच की जा रही है और दोनों तरफ के लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

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