नजफगढ़ में गैस सिलेंडर ब्लास्ट का कहर: एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत, दो मासूम हुए अनाथ

Kittu Kumari19 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
नजफगढ़ में गैस सिलेंडर ब्लास्ट का कहर: एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत, दो मासूम हुए अनाथ

दिल्ली के नजफगढ़ इलाके में एक दर्दनाक हादसा हुआ है, जिसने एक हंसते-खेलते परिवार को पूरी तरह उजाड़ दिया। राणाजी एन्क्लेव में हुए नजफगढ़ गैस सिलेंडर ब्लास्ट के बाद पिछले 12 दिनों के भीतर परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई। इस भीषण धमाके ने न केवल जान ली, बल्कि दो छोटे बच्चों के सिर से माता-पिता का साया भी छीन लिया।

यह हादसा 22 सितंबर की रात को हुआ था, जब अचानक एक एलपीजी सिलेंडर में जोरदार विस्फोट हुआ। इस धमाके की चपेट में परिवार के छह लोग आए, जिनमें दो छोटे बच्चे भी शामिल थे। सभी गंभीर रूप से झुलस गए थे। उन्हें पहले आईजीआई अस्पताल ले जाया गया और फिर बेहतर इलाज के लिए सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया। मेडिकल रिपोर्ट्स के मुताबिक, घायलों के शरीर का करीब 60 प्रतिशत हिस्सा जल गया था।

मौतों का सिलसिला 28 सितंबर से शुरू हुआ, जब 29 वर्षीय मोनिका ने दम तोड़ दिया। इसके बाद 1 अक्टूबर को 25 साल के केशव, 3 अक्टूबर को 24 वर्षीय सोनम और अंततः 4 अक्टूबर को 50 वर्षीय कमलेश की मौत हो गई। इस त्रासदी के बाद अब केवल तीन महीने का युवंश (केशव और सोनम का बेटा) और चार साल की दीया (मोनिका की बेटी) बचे हैं, जो खुद भी इस हादसे में घायल हुए थे।

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वेंटिलेशन की कमी बनी हादसे की वजह

पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि घरेलू गैस सिलेंडर से गैस लीक हुई थी, जो एक बंद कमरे में जमा हो गई। कमरे में वेंटिलेशन यानी हवा आने-जाने का सही रास्ता नहीं था, जिसकी वजह से गैस और हवा का एक खतरनाक मिश्रण बन गया और मामूली सी चिंगारी से जोरदार धमाका हो गया।

नजफगढ़ पुलिस स्टेशन ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 287 और 106(1) के तहत एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने इसे आग या ज्वलनशील पदार्थ के संबंध में लापरवाही बरतने और मौत का कारण बनने का मामला माना है। फिलहाल पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि धमाके के लिए असल चिंगारी कहां से आई।

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