Myanmar Training Camp Case: अमेरिकी नागरिक और छह Ukrainians की अर्जियों पर NIA कोर्ट कल करेगा सुनवाई

दिल्ली की राउज एवेन्यू स्थित विशेष एनआईए कोर्ट में म्यांमार ट्रेनिंग कैंप मामले से जुड़े अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैनडाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों की अर्जियों पर कल सुनवाई होगी। इस मामले में यूक्रेनी नागरिकों ने खुद को बरी करने की मांग की है क्योंकि चार्जशीट में यूएपीए (UAPA) की धाराएं नहीं हैं और इमीग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट के तहत अपराधों का समाधान किया जा चुका है। अदालत में इस संबंध में सुनवाई होनी है।
अमेरिकी नागरिक की यात्रा और बॉन्ड से जुड़ी अर्जी
इस मामले के आरोपी अमेरिकी नागरिक वैनडाइक ने अपने परिवार से मिलने के लिए अमेरिका जाने की अनुमति मांगने के वास्ते दिल्ली की एक अदालत में अर्जी दी थी। इसके अलावा वैनडाइक ने श्यूरिटी बॉन्ड के बदले कैश बॉन्ड जमा करने की अनुमति के लिए भी एक अन्य अर्जी दी है। इस मामले में फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) की एक रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में अदालत को मिल चुकी है। वैनडाइक के वकीलों रोहित डंडरीयाल और रोहित गौर ने अदालत के निर्देशानुसार पर्सनल और श्यूरिटी बॉन्ड जमा करने की अपनी सहमति दी है।
एनआईए द्वारा दायर चार्जशीट और डिफॉल्ट जमानत
अालतत ने इससे पहले वैनडाइक को 1 लाख रुपये के पर्सनल बॉन्ड और इतने ही राशि के श्यूरिटी बॉन्ड पर डिफॉल्ट जमानत दे दी थी। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने 13 मार्च को वैनडाइक को यूएपीए के तहत गिरफ्तार किया था। एनआईए ने यूएपीए धाराओं को हटाकर इमीग्रेशन एंड फॉरेनर्स Act की धारा 21 और 23 के तहत चार्जशीट दाखिल की है। 18 सितंबर को विशेष एनआईए अदालत ने यह देखते हुए डिफॉल्ट जमानत दी थी कि वैनडाइक 180 दिन से अधिक समय तक हिरासत में रहे हैं और एनआईए ने यूएपीए के तहत चार्जशीट दाखिल नहीं की है जबकि जांच जारी है। ANI