मुजफ्फरनगर के पॉश इलाके रेनबो विहार में शुक्रवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब केंद्रीय जीएसटी विभाग की टीम ने प्रमुख उद्यमी आलोक डागा के आवास पर अचानक छापेमारी कर दी। सुबह-सुबह बड़ी संख्या में विभागीय अधिकारियों के पहुंचने से आसपास के क्षेत्र में हलचल बढ़ गई। टीम ने आवास के अंदर पहुंचकर दस्तावेजों और कारोबारी रिकॉर्ड की गहन जांच शुरू कर दी। जानकारी के अनुसार केंद्रीय जीएसटी विभाग की टीम शुक्रवार सुबह रेनबो विहार स्थित आलोक डागा के आवास पर पहुंची। टीम के अधिकारियों ने आवास के अंदर प्रवेश करने के बाद जांच-पड़ताल शुरू की।
कार्रवाई के दौरान घर में मौजूद विभिन्न दस्तावेजों, कारोबारी रिकॉर्ड और अन्य संबंधित कागजात को खंगाला गया। बताया जा रहा है कि अधिकारी लंबे समय तक आवास के अंदर जांच में जुटे रहे।
जीएसटी विभाग की कार्रवाई की जानकारी जैसे ही आसपास के लोगों को लगी, इलाके में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। बड़ी कार्रवाई की सूचना तेजी से लोगों तक पहुंची और रेनबो विहार में लोगों की निगाहें आवास की ओर टिक गईं। कार्रवाई के दौरान विभागीय अधिकारी अपनी जांच में जुटे रहे। आवास के बाहर लोगों की आवाजाही पर भी नजर रखी गई। टीम द्वारा बिना किसी जल्दबाजी के दस्तावेजों और कारोबारी रिकॉर्ड की जांच की जाती रही।
जीएसटी टीम की कार्रवाई का मुख्य फोकस दस्तावेजों और कारोबारी रिकॉर्ड की जांच पर रहा। अधिकारियों ने आवास में मौजूद विभिन्न कागजात और संबंधित रिकॉर्ड को देखा। माना जा रहा है कि विभागीय टीम जांच के दौरान उपलब्ध दस्तावेजों का मिलान संबंधित कारोबारी रिकॉर्ड से कर रही है। हालांकि, केंद्रीय जीएसटी विभाग की ओर से अभी तक आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि कार्रवाई किस मामले में और किन विशेष तथ्यों के आधार पर की गई है। न ही विभाग की ओर से जांच के दौरान सामने आए किसी निष्कर्ष की जानकारी सार्वजनिक की गई है। आलोक डागा शहर के कारोबारी क्षेत्र में जाना-पहचाना नाम बताए जाते हैं। वह पूर्व कांग्रेस नेता महेंद्र प्रकाश डागा के पुत्र हैं।