मुंडका से पीरागढ़ी के बीच बनेगा 8km एलिवेटेड कॉरिडोर, रोहतक रोड पर खत्म होगा जाम

पश्चिम दिल्ली के निवासियों और बहादुरगढ़ से दिल्ली आने वाले यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) मुंडका और पीरागढ़ी के बीच 8 किलोमीटर लंबा एक एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने की योजना पर काम कर रहा है। इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य न्यू रोहतक रोड (NH-10) पर लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम को कम करना और सफर को सुगम बनाना है।
अक्सर पीरागढ़ी, नांगलोई, राजधानी पार्क और मुंडका चौक जैसे इलाकों में वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलती हैं। इस समस्या को सुलझाने के लिए NHAI अब भारी वाहनों को मुख्य सड़क से हटाकर इस नए कॉरिडोर की ओर मोड़ने की तैयारी कर रहा है। यह कॉरिडोर दिल्ली के तीसरे रिंग रोड यानी अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (UER-2) के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगा, जो नजफगढ़, बहादुरगढ़ और रोहिणी को आपस में जोड़ता है।
रेलवे लाइन के किनारे होगा निर्माण, NOC की प्रक्रिया शुरू
प्रोजेक्ट की बारीकियों के बारे में जानकारी देते हुए NHAI के क्षेत्रीय अधिकारी प्रदीप सिंह गुसाईं ने बताया कि मौजूदा बुनियादी ढांचे में कम से कम बाधा डालने के लिए रेलवे लाइन के किनारे निर्माण करने की संभावनाओं को तलाशा जा रहा है। इसके लिए NHAI ने भारतीय रेलवे से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जैसे ही रेलवे की मंजूरी मिलेगी, अंतिम प्रस्ताव केंद्र सरकार को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
इस पूरी योजना में दिल्ली लोक निर्माण विभाग (PWD) भी शामिल है ताकि NHAI-10 पर ट्रैफिक फ्लो को बेहतर बनाया जा सके। इसके अलावा, केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय एक अलग विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) पर भी विचार कर रहा है, जिसका लक्ष्य पंजाबी बाग से टिकरी बॉर्डर तक के न्यू रोहतक रोड हिस्से को पूरी तरह सिग्नल-फ्री बनाना है।
हालांकि, प्रोजेक्ट पर काम तेजी से चल रहा है, लेकिन अभी इसके अंतिम अलाइनमेंट, जमीन अधिग्रहण की जरूरत, कुल लागत और निर्माण की समयसीमा तय होनी बाकी है। एक बार यह कॉरिडोर बनकर तैयार हो गया, तो पश्चिम दिल्ली के ट्रैफिक पैटर्न में बड़ा बदलाव आएगा और लोगों के समय की काफी बचत होगी।