नेपाल आपदा में फंसे मध्य प्रदेश के लोगों के लिए दिल्ली में 24 घंटे का कंट्रोल रूम शुरू

नेपाल में आई भीषण प्राकृतिक आपदा के मद्देनजर मध्य प्रदेश राज्य सरकार ने नई दिल्ली स्थित मध्य प्रदेश भवन में 24/7 समर्पित कंट्रोल रूम शुरू किया है। यह पहल 27 अगस्त 2026 को औपचारिक रूप से शुरू की गई, जिसका उद्देश्य पड़ोसी देश में फंसे मध्य प्रदेश के नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करना और उनकी सहायता करना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस आपदा पर गहरी चिंता व्यक्त की, जो 26-27 अगस्त 2026 के आसपास अचानक बाढ़, भूस्खलन और तिब्बत सीमा के पास भूकंपीय गतिविधि या हिमनद झील के फटने के कारण हुई थी। मुख्यमंत्री ने पुष्टि की कि राज्य सरकार इस संकट के दौरान अपने नागरिकों का समर्थन करने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
कंट्रोल रूम और राहत कार्य
बचाव और राहत प्रयासों को समन्वित करने के लिए, यह कंट्रोल रूम विदेश मंत्रालय, काठमांडू में भारतीय दूतावास और नेपाल में स्थानीय आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमों के साथ समन्वय में काम करेगा। अधिकारियों का अनुमान है कि इस आपदा के कारण 95 से 162 लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों लोग लापता बताए जा रहे हैं। प्रभावित लोगों में संभावित रूप से 291 विदेशी पर्यटक और 133 भारतीय नागरिक शामिल हैं, जिनमें कैलाश मानसरोवर की यात्रा करने वाले तीर्थयात्री भी शामिल हैं।
हेल्पलाइन और संपर्क विवरण
अधिकारियों ने परिवारों से आग्रह किया है कि वे अपने प्रियजनों का विवरण, जैसे नाम, वर्तमान स्थान और संपर्क नंबर, तुरंत कंट्रोल रूम में दर्ज कराएं। इसके लिए समर्पित सहायता चैनल सक्रिय किए गए हैं: हेल्पलाइन नंबर 011-26772005 है, व्हाट्सएप नंबर 9818963273 है, और ईमेल संचार [email protected] पर भेजा जा सकता है।