DU के मोतीलाल नेहरू कॉलेज में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू, डीयूएसयू चुनाव ड्यूटी के दौरान हिंसा का आरोप

दिल्ली विश्वविद्यालय के मोतीलाल नेहरू कॉलेज (संध्या) में 23 सितंबर से शिक्षण और शैक्षणिक गतिविधियां अनिश्चितकाल के लिए निलंबित कर दी गई हैं। यह कदम कॉलेज के स्टाफ एसोसिएशन द्वारा डीयूएसयू चुनाव ड्यूटी के दौरान शिक्षकों के खिलाफ कथित हिंसा के विरोध में उठाया गया है। 22 सितंबर को स्टाफ एसोसिएशन द्वारा पारित एक प्रस्ताव के अनुसार, 16 सितंबर को चुनाव ड्यूटी के दौरान अज्ञात छात्रों या बाहरी लोगों द्वारा शिक्षकों पर कथित हमले, हुड़दंग, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान और जबरन घुसपैठ की घटनाओं के विरोध में यह अनिश्चितकालीन हड़ताल बुलाई गई है। यह हड़ताल 16 सितंबर को कॉलेज में हुई एक घटना के बाद शुरू हुई है, जब डीयूएसयू चुनाव का प्रचार समाप्त हुआ था। चुनाव प्रचार कर रहे एक छात्र द्वारा कथित तौर पर एक शिक्षक के साथ मारपीट की गई थी, जिसके बाद कॉलेज के स्टाफ एसोसिएशन ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
शिक्षकों ने की कड़ी कार्रवाई की मांग
गुरुवार को कॉलेज में शिक्षकों को संबोधित करते हुए दिल्ली यूनिवर्सिटी टीचर्स फेडरेशन (DTF) की सचिव आभा देव हबीब और निर्वाचित कार्यकारी परिषद के सदस्य मिथुराज धुसिया ने कथित घटना की कड़ी निंदा की और शिक्षकों के प्रति एकजुटता व्यक्त की। मिथुराज धुसिया ने कहा कि डीयू के शिक्षकों के खिलाफ हिंसा बढ़ रही है और दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन को दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए तथा शिक्षकों की सुरक्षा व गरिमा सुनिश्चित करनी चाहिए। आभा देव हबीब ने कहा कि कॉलेज के प्रिंसिपल ने बताया था कि इस घटना के संबंध में एफआईआर दर्ज कराने के कई प्रयास किए गए, लेकिन पुलिस ने अभी तक मामला दर्ज नहीं किया है। उन्होंने घटना के सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध होने का भी जिक्र किया और कहा कि डीयू को हिंसा के हवाले नहीं किया जा सकता है।
शिक्षक समुदाय में व्यापक कार्रवाई की मांग
इस घटना के बाद शिक्षक समुदाय के भीतर दिल्ली यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (DUTA) द्वारा व्यापक कार्रवाई की मांग उठाई गई है। कुछ शिक्षकों ने फैकल्टी सदस्यों पर कथित हमलों को लेकर पूरे विश्वविद्यालय में शटडाउन करने की मांग की है। कॉलेज के हड़ताल के नोटिस में कहा गया है कि सभी शिक्षण और शैक्षणिक गतिविधियां 23 सितंबर से अगले आदेश तक निलंबित रहेंगी। विरोध प्रदर्शन में शामिल शिक्षकों ने कहा कि उनकी मुख्य मांगों में इसके लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करना, घटना के संबंध में दर्ज शिकायतों पर कार्रवाई करना और विश्वविद्यालय के कर्तव्यों के दौरान शिक्षकों की सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित करने के उपाय करना शामिल है।