मुरादाबाद में रिहायशी इलाके की शराब दुकान के खिलाफ सड़क पर उतरे स्कूली बच्चे और महिलाएं, डीएम ने संभाला मोर्चा

मुरादाबाद के मझोला थाना क्षेत्र की एकता कॉलोनी में रिहायशी इलाके में शराब की दुकान के संचालन को लेकर मंगलवार को भारी विरोध देखने को मिला। शराब की दुकान को बंद कराने की मांग को लेकर स्कूली छात्र-छात्राएं, महिलाएं, अभिभावक और शिक्षक बड़ी संख्या में सड़क पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर नारेबाजी की और प्रशासन से तत्काल दुकान को हटाने की मांग की।
- मुरादाबाद की एकता कॉलोनी में रिहायशी इलाके में शराब की दुकान का विरोध।
- स्कूली बच्चों, महिलाओं, अभिभावकों और शिक्षकों ने किया जोरदार प्रदर्शन।
- जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने खुद मौके पर पहुंचकर संभाला मोर्चा।
असामाजिक तत्वों के जमावड़े से महिलाओं और छात्राओं को हो रही परेशानी
प्रदर्शनकारी बच्चों और महिलाओं का आरोप था कि घनी आबादी के बीच शराब की दुकान होने से आसपास के लोगों को काफी परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, दुकान के आसपास अक्सर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता है, जिससे महिलाओं और छात्राओं को आने-जाने में असहजता महसूस होती है। वहीं, प्रदर्शन में शामिल बच्चों, अभिभावकों और शिक्षकों का कहना था कि स्कूल और रिहायशी क्षेत्र के आसपास ऐसा माहौल नहीं होना चाहिए जिससे बच्चों पर नकारात्मक प्रभाव पड़े।
डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने खुद संभाला लाउडस्पीकर और दिया जांच का भरोसा
मंगलवार दोपहर करीब दो बजे सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और बच्चों व महिलाओं की संख्या को देखते हुए खुद लाउडस्पीकर संभालकर प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। डीएम ने लोगों की शिकायतें सुनीं और नियमानुसार जांच का भरोसा दिया। मौके पर जिला आबकारी अधिकारी रविंद्र प्रताप सिंह, मझोला थाना प्रभारी रविंद्र कुमार और मंडी समिति चौकी प्रभारी आनंदपाल सिंह भी प्रशासनिक टीम के साथ मौजूद रहे।
प्रशासन के आश्वासन के बाद शांत हुए प्रदर्शनकारी
मौके पर पहुंचे डीएम ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि शराब की दुकान को लेकर मिली शिकायतों की जांच कराई जाएगी। जांच के दौरान दुकान के संचालन से जुड़े नियमों और स्थानीय लोगों के आरोपों की पड़ताल होगी और तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन के इस आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए और विरोध प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया।