भारत में मानसून का कहर: IMD ने 19 राज्यों में भारी बारिश का जारी किया अलर्ट

12 अगस्त 2026 को देश भर में दक्षिण-पश्चिम मानसून के सक्रिय होने के कारण भारी बारिश, आंधी और बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 12 से 17 अगस्त तक 19 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। जिन राज्यों में अलर्ट जारी किया गया है उनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, केरल, असम, मेघालय, त्रिपुरा और नागालैंड शामिल हैं। कुछ इलाकों में हवा की गति 70-90 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है।
मध्य प्रदेश और राजस्थान में सबसे बुरा हाल
मध्य प्रदेश और राजस्थान सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में शामिल हैं, जहां नदियां उफान पर हैं और कई हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात हैं। मध्य प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के बाद 12 अगस्त को भोपाल, रायसेन, गुना और खंडवा जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए थे। IMD ने इंदौर और उज्जैन संभागों (रतलाम, झाबुआ, धार, बड़वानी और इंदौर सहित) के लिए भारी बारिश और संभावित बाढ़ का अनुमान जताया है। पूर्वी राजस्थान में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है, जहां जयपुर, कोटा और उदयपुर जैसे शहरों के लिए अलर्ट जारी किया गया है और हवा की गति 70 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। पिछले 24 घंटों में झालावाड़ जिले में अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई, जबकि बूंदी और कोटा में बहुत भारी बारिश हुई।
दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश और पहाड़ी राज्यों में भी भारी बारिश
दिल्ली-NCR में 40 किमी प्रति घंटा तक की हवाओं के साथ भारी बारिश और आंधी का अलर्ट है। उत्तर प्रदेश के कानपुर, नोएडा और आगरा जैसे जिलों में 65 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने और मूसलाधार बारिश व आंधी की उम्मीद है। बिहार में हाल के दिनों में बिजली गिरने से नौ लोगों की मौत की खबर है और वहां भी आंधी-बारिश की चेतावनी दी गई है। उत्तरी पहाड़ी राज्यों में हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और आंधी के बीच कुल्लू में 259 सड़कें बंद हैं और पांच पावर ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं, जिससे भारी व्यवधान उत्पन्न हुआ है। उत्तराखंड में तेज बारिश, आंधी और 60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने का हाई अलर्ट है, और चमोली की नीति घाटी में बादल फटने से एक पुल बह गया है। इन पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन (landslides) का खतरा बढ़ गया है।
बारिश बढ़ने के कारण
मानसून की इस सक्रियता का कारण उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र (low-pressure area) और 12 अगस्त के आसपास उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक अन्य कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इससे पूर्वी और मध्य भारत में बारिश के और अधिक बढ़ने की उम्मीद है।