Delhi-NCR में भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात, अब Rajasthan में भी Monsoon सक्रिय

दिल्ली और नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) में 7 अगस्त 2026 को शुरू हुई भारी मानसून की बारिश ने 8 अगस्त तक जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित किया। इस भारी बारिश के कारण बड़े पैमाने पर जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा हो गई, जिसमें गुरुग्राम सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ और इसे 'जलग्राम' कहा जाने लगा। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली में अगस्त 2026 के पहले सात दिनों में 127 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो 2011 के बाद से अगस्त के पहले सप्ताह में सबसे अधिक बारिश है।
भारी बारिश और अलर्ट
दिल्ली-NCR के लिए 7 अगस्त को रेड अलर्ट जारी किए जाने के बाद, 8 अगस्त को येलो अलर्ट प्रभावी रहा, जिसमें दिन में हल्की से मध्यम बारिश और रात में छिटपुट हल्की बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई। IMD ने दिल्ली-NCR सहित 15 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और 20-30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी। खराब मौसम को देखते हुए गुरुग्राम के लिए वर्क-फ्रॉम-होम एडवाइजरी जारी की गई।
Rajasthan में मानसून की वापसी
इसके साथ ही, 7 अगस्त को राजस्थान में मानसून फिर से सक्रिय हो गया, और 8 अगस्त को कई जिलों में व्यापक रूप से भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। डीग में सबसे अधिक 158 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिसके कारण भरतपुर और डीग में स्कूल बंद करने पड़े, जबकि जयपुर में भी भारी जलभराव की सूचना मिली। जयपुर मौसम केंद्र ने अगले सप्ताह पूर्वी राजस्थान में सक्रिय मानसून स्थितियों का अनुमान जताया है, जिसमें 8 से 10 अगस्त के बीच भरतपुर, जयपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर संभागों में मध्यम से भारी बारिश के साथ-साथ बहुत भारी बारिश की छिटपुट घटनाएं होने की उम्मीद है। पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभागों में भी इस अवधि के दौरान बारिश बढ़ने की संभावना है।
मौसम प्रणालियों का प्रभाव
IMD जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने राजस्थान के ऊपर दो सक्रिय परिसंचरण प्रणालियों की उपस्थिति का उल्लेख किया - एक दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर और दूसरी उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर - जो हल्की से मध्यम बारिश और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं में योगदान दे रही हैं। 8 अगस्त के लिए झुंझुनू और सीकर जिलों के लिए बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया, जबकि कई अन्य जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किए गए। राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मानसून की गतिविधि 15 अगस्त के बाद कम होने की उम्मीद है।