Indiabulls मानहानि मामला: जिला अदालत के आदेश के खिलाफ Moneylife पहुंचा दिल्ली हाई कोर्ट
Moneylife ने Indiabulls और समीर गहलोत द्वारा दायर मानहानि मामले में जिला अदालत के अंतरिम आदेश को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी है।

फाइनेंशियल न्यूज पोर्टल 'मनीलाइफ' (Moneylife) के प्रकाशक मनीवाइज मीडिया LLP ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। कंपनी ने इंडियाबुल्स नेस्ट्स लिमिटेड और समीर गहलोत द्वारा दायर एक मानहानि मुकदमे में जिला अदालत द्वारा दिए गए अंतरिम आदेश को चुनौती दी है। यह मामला पटियाला हाउस कोर्ट के प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज द्वारा 24 अक्टूबर को पारित आदेश से जुड़ा है।
पूरा विवाद मई 2025 में प्रकाशित एक रिपोर्ट को लेकर शुरू हुआ, जिसका शीर्षक था “SC Asks ED, RBI To Submit Status Report on Indiabulls Investigation”। मनीवाइज मीडिया का दावा है कि इस रिपोर्ट में केवल सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही और वहां दिए गए निर्देशों की जानकारी दी गई थी। कंपनी के मुताबिक, रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों का हवाला अदालती कार्यवाही से दिया गया था और साथ ही इसमें संबंधित कंपनी का खंडन भी शामिल किया गया था।
बिना सुनवाई के आदेश पर उठाए सवाल
मनीवाइज मीडिया ने अपनी अपील में कहा है कि जिला अदालत ने यह अंतरिम आदेश उन्हें कोई नोटिस दिए बिना या सुनवाई का मौका दिए बिना ही पारित कर दिया। जिला अदालत के आदेश में प्रतिवादियों को वादियों के खिलाफ कथित तौर पर गलत, मानहानि करने वाली या भ्रामक सामग्री प्रकाशित करने से रोका गया था। इसके अलावा, कुछ ऑनलाइन लिंक को हटाने और डी-इंडेक्स करने के निर्देश भी दिए गए थे।
प्रकाशक ने हाई कोर्ट से मांग की है कि 24 अक्टूबर के इस आदेश पर फिलहाल रोक लगाई जाए। कंपनी ने तर्क दिया है कि न्यायिक और आधिकारिक कार्यवाही की रिपोर्टिंग करना उनका अधिकार है और उन्हें इस संबंध में सुरक्षा मिलनी चाहिए। उन्होंने अदालत से प्रार्थना की है कि जब तक यह अपील लंबित है, तब तक उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न की जाए और उनकी रिपोर्ट को हटाने या डी-इंडेक्स करने के निर्देशों से उन्हें राहत दी जाए।