Indiabulls मानहानि मामला: पटियाला हाउस कोर्ट के आदेश के खिलाफ Moneylife पहुंचा दिल्ली हाई कोर्ट
Moneylife ने पटियाला हाउस कोर्ट के उस आदेश को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें Indiabulls से जुड़ी खबर हटाने को कहा गया था।

फाइनेंशियल न्यूज पोर्टल Moneylife के प्रकाशक Moneywise Media LLP ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। यह याचिका पटियाला हाउस कोर्ट द्वारा दिए गए एक अंतरिम आदेश को चुनौती देने के लिए दायर की गई है। यह पूरा विवाद Indiabulls Nests Ltd और समीर गहलोत द्वारा दायर एक मानहानि मुकदमे से जुड़ा है।
मामले की शुरुआत 8 मई 2025 को प्रकाशित एक रिपोर्ट से हुई थी, जिसका शीर्षक था 'SC Asks ED, RBI To Submit Status Report on Indiabulls Investigation'। इस रिपोर्ट में सुप्रीम कोर्ट में चल रही कानूनी कार्यवाही का विवरण दिया गया था। हालांकि, इस खबर के बाद Indiabulls और समीर गहलोत ने मानहानि का दावा किया, जिस पर पटियाला हाउस कोर्ट के प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज ने 24 अक्टूबर 2026 को एक एकपक्षीय (ex parte) अंतरिम आदेश जारी किया। इस आदेश में ऑनलाइन कंटेंट को हटाने और उसे डी-इंडेक्स करने का निर्देश दिया गया था।
बिना सुनवाई के आदेश देने पर उठाए सवाल
Moneywise Media का तर्क है कि जिला अदालत ने यह आदेश उन्हें बिना किसी पूर्व नोटिस दिए या उनकी बात सुने ही जारी कर दिया, जो कानूनी रूप से गलत है। कंपनी का कहना है कि उनकी रिपोर्ट पूरी तरह से न्यायिक गतिविधियों पर आधारित थी और इसमें कंपनी की औपचारिक इनकार (denial) को भी शामिल किया गया था, जिससे रिपोर्ट की निष्पक्षता बनी रही।
अब दिल्ली हाई कोर्ट में दायर अपनी याचिका में Moneylife ने 24 अक्टूबर के आदेश के कार्यान्वयन पर रोक लगाने की मांग की है। प्रकाशक का कहना है कि न्यायिक और आधिकारिक कार्यवाही पर रिपोर्टिंग करने के उनके अधिकार को बाधित नहीं किया जाना चाहिए और जिला अदालत द्वारा कंटेंट हटाने का निर्देश कानूनी रूप से त्रुटिपूर्ण है।