दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर भ्रम बना काल, होर्डिंग को सड़क समझकर घुसा मिक्सर ट्रक

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर एक बेहद हैरान करने वाला हादसा सामने आया है, जहां एक मिक्सर ट्रक सड़क किनारे लगे एक विज्ञापन होर्डिंग से जा टकराया। यह हादसा 18 अक्टूबर 2026 को अषरोडी इलाके में हुआ। चौंकाने वाली बात यह है कि ट्रक ड्राइवर ने होर्डिंग पर बनी एक रियलिस्टिक पेंटिंग (म्यूरल) को असली मल्टी-लेन सड़क समझ लिया और गाड़ी को उसी दिशा में मोड़ दिया, जिससे ट्रक सीधे विज्ञापन के सपोर्ट स्ट्रक्चर में जा घुसा।
इस घटना के बाद स्थानीय पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि हालांकि अभी तक इस बात के पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं कि पहले भी इसी होर्डिंग की वजह से हादसे हुए हों, लेकिन इसकी गहराई से जांच की जा रही है। गौरतलब है कि एक्सप्रेसवे के अषरोडी सेक्शन में पिछले कुछ समय से हादसों में बढ़ोतरी देखी गई है। अक्टूबर 18 से ठीक पहले के एक महीने में यहां 4 से 5 दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें दो लोगों की जान चली गई।
सुरक्षा और नियमों की जंग: NHAI बनाम MCD
इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और बुनियादी ढांचे की प्लानिंग पर बहस छेड़ दी है। आलोचकों का कहना है कि सड़क किनारे ऐसी पेंटिंग्स ड्राइवरों के लिए जानलेवा भ्रम पैदा कर सकती हैं, जैसा कि पहले कोलकाता में मोटरसाइकिल सवारों के साथ हुआ था। इस घटना ने एक पुराने विवाद को भी फिर से जिंदा कर दिया है। जून 2025 में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने नेशनल हाईवे पर बाहरी विज्ञापनों का विरोध किया था, क्योंकि मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार ये प्रतिबंधित हैं।
दूसरी ओर, दिल्ली नगर निगम (MCD) का दावा है कि उनके विज्ञापन 'आउटडोर एडवरटाइजिंग पॉलिसी 2017' के तहत वैध हैं, जिसे सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी भी मिली हुई है। फिलहाल, इस हादसे का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने विज्ञापनों से होने वाले खतरों की ओर सबका ध्यान खींचा है।