मानसिक स्वास्थ्य नीति में सामुदायिक ज्ञान को प्राथमिकता देने पर जोर

इंडिया मेंटल हेल्थ एलायंस ने 16 सितंबर 2024 को नई दिल्ली में मानसिक स्वास्थ्य देखभाल में अनुभव-आधारित ज्ञान को प्राथमिकता देने के लिए एक बैठक आयोजित की। यह बैठक विश्व स्वास्थ्य संगठन के वार्षिक विषय 'लived अनुभवों को सुना गया: वास्तविक आवाजें, वास्तविक बदलाव' के अनुरूप थी। यह आयोजन 'कनेक्टिंग इंडिया फॉर मेंटल हेल्थ' श्रृंखला की तीसरी क्षेत्रीय बैठक थी, इससे पहले गुवाहाटी और मुंबई में बैठकें हो चुकी हैं। इस श्रृंखला का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों और भूगोलों में 370 से अधिक गठबंधन संगठनों को एकजुट करना है। दिल्ली सम्मेलन में अड़सफाई सदस्य संगठनों ने भाग लिया, जो एलायंस की राष्ट्रीय सदस्यता का लगभग एक तिहाई प्रतिनिधित्व करते हैं। भाग लेने वाले समूह स्वास्थ्य, शिक्षा, लिंग, आजीविका, बाल विकास और जलवायु क्षेत्रों में काम करते हैं। इसमें अमर त्रिशला सेवा आश्रम, दलित विकास अभियान समिति, ग्रामीण आदिवासी समाज विकास संस्थान, जागो फाउंडेशन, मिथिला कला विकास समिति, सह्याद्री फाउंडेशन, सात्रा, शिक्षित रोजगार केंद्र प्रबंधक समति, स्टैंड फॉर कश्मीरी यूथ ट्रस्ट और सांत्वना सेवा समिति जैसे संगठन शामिल हैं।
आईएमएचए की सह-संस्थापक नेहा कृपाल ने कहा कि भारत की विविध आबादी के लिए विकेंद्रीकृत, समुदाय-संचालित दृष्टिकोण आवश्यक है ताकि विखंडन को दूर किया जा सके और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच में सुधार हो सके। बाल और किशोर मनोचिकित्सक तथा चिल्ड्रेन फर्स्ट की सह-संस्थापक डॉ. कविता अरोड़ा ने जोर देकर कहा कि तृतीयक देखभाल पर केंद्रित बायोमेडिकल मॉडल पर्याप्त नहीं है। उन्होंने एक निवारक, समुदाय-संचालित दृष्टिकोण की वकालत की जो व्यक्तियों के घरों, स्कूलों और कार्यस्थलों के करीब तक पहुंचे।
आईएमएचए ने एक ओपन-एक्सेस ज्ञान एक्सचेंज हब की योजना की घोषणा की, जिसका उद्देश्य समुदाय-आधारित अंतर्दृष्टि को पेशेवरों, संगठनों और नीति निर्माताओं के लिए सुलभ बनाना है। एलायंस, जिसे 2023 के अंत में वास्वी और आशीष भरत राम, अमाहा हेल्थ और चिल्ड्रेन फर्स्ट जैसे भागीदारों द्वारा लॉन्च किया गया था, 30 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में उपस्थिति बनाए रखता है। अगली क्षेत्रीय बैठक 4 दिसंबर 2026 को बेंगलुरु में आयोजित होने वाली है।