बड़ी खबर: 6 लाख रुपये का जुर्माना नहीं देने पर वकील महमूद प्राचा की संपत्ति कुर्क करने का कोर्ट का आदेश

दिल्ली की एक अदालत ने 6 लाख रुपये का जुर्माना न चुकाने पर एडवोकेट महमूद प्राचा (Advocate Mehmood Pracha) की चल संपत्तियों को कुर्क (Attach) करने का वारंट जारी किया है। यह आदेश पटियाला हाउस कोर्ट की एडिशनल सीनियर सिविल जज मेधा आर्या द्वारा 14 अगस्त 2026 को पारित किया गया। यह कार्रवाई प्राचा द्वारा सुप्रीम कोर्ट के 2019 के अयोध्या फैसले को शून्य घोषित करवाने के असफल प्रयासों के बाद की गई है, जिसकी पूरी जानकारी ANI News रिपोर्ट में दी गई है। अदालत ने पाया कि भुगतान का पालन करने के लिए वकील को कई अवसर दिए गए थे, लेकिन उन्होंने New Delhi District Legal Services Authority (NDLSA) द्वारा दायर निष्पादन याचिका पर कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई।
जुर्माने का पूरा मामला और कोर्ट के निर्देश
यह जुर्माना प्रक्रिया के दुरुपयोग के लिए एक सिविल कोर्ट द्वारा लगाए गए शुरुआती 1 लाख रुपये के जुर्माने से जुड़ा है, जिसे बाद में जिला अदालत ने तुच्छ मुकदमों के खिलाफ निवारक के रूप में बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया था। पिछली कार्यवाही में, जज धर्मेंद्र राणा ने प्राचा की अपील को खारिज कर दिया था। कोर्ट ने याचिका को गलत बताया और इस बात पर जोर दिया कि ऐसा मुकदमा Judges Protection Act of 1985 के तहत प्रतिबंधित था।
संपत्ति कुर्क करने का आदेश और अगली सुनवाई
जारी किए गए संपत्ति कुर्की आदेश के तहत बेलीफ (Bailiff) को बकाया राशि वसूलने के लिए यदि आवश्यक हो तो ताले तोड़ने का भी अधिकार दिया गया है। इस मामले की अगली कोर्ट सुनवाई 1 अक्टूबर 2026 के लिए तय की गई है।