पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने वोटर लिस्ट और धार्मिक स्थलों के मुद्दों पर 29 सितंबर को जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की

श्रीगनर। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने शनिवार को लोगों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर 29 सितंबर को होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने देश के लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों की रक्षा के लिए आवाज उठाने की बात कही है। इस प्रदर्शन का आयोजन 'मॉनिटरिंग कमेटी फॉर इंडियन मुस्लिम' द्वारा किया जा रहा है।
महबूबा मुफ्ती की अपील और जंतर-मंतर प्रदर्शन के मुख्य बिंदु
- पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने 29 सितंबर को दोपहर 2 से 5 बजे तक दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है।
- उन्होंने आरोप लगाया है कि देश में मस्जिदें, दरगाहें और चर्च गिराए जा रहे हैं और वोटर लिस्ट से विशेष रूप से मुसलमानों के नाम हटाए जा रहे हैं।
- यह प्रदर्शन 'मॉनिटरिंग कमेटी फॉर इंडियन मुस्लिम' द्वारा आयोजित किया जा रहा है।
वोटर लिस्ट और चुनाव आयोग विवाद की पृष्ठभूमि
महबूबा मुफ्ती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो अपील शेयर करते हुए कहा कि आने वाले महीनों में देश के कई राज्यों में चुनाव होने हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि देश भर में मस्जिदों, दरगाहों और चर्चों को बहुत बेरहमी से गिराया जा रहा है और वोटर लिस्ट से विशेष रूप से मुसलमानों के नाम हटाए जा रहे हैं। उन्होंने सभी धर्मनिरपेक्ष विचारों वाले लोगों से इस विरोध प्रदर्शन में भाग लेने और देश की भाईचारे की भावना तथा सांस्कृतिक ताने-बाने को बचाने में मदद करने की अपील की है।
यह विरोध प्रदर्शन चुनाव आयोग के कामकाज और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद की पृष्ठभूमि में हो रहा है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब The Indian Express ने गुरुवार को रिपोर्ट किया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े फैसलों और आदेशों पर 10 महीनों में कम से कम 14 बार आपत्ति जताई थी। जहां कई विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है, वहीं भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने शनिवार को कहा कि 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर का कार्यक्रम 27 अक्टूबर 2025 को जारी किया गया था, जबकि 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए कार्यक्रम 14 मई 2026 को आयोग की सर्वसम्मति से जारी किया गया था।