मेरठ में सस्पेंड महिला दरोगा अनु सोशल मीडिया पर होना चाहती थी फेमस, नीले ड्रम वाले सौरभ हत्याकांड से चर्चा में आई थीं

मेरठ में सोशल मीडिया पर जल्दी फेमस होने की चाहत में सस्पेंड हुई महिला दरोगा अनु को लेकर कई खुलासे हुए हैं। नीले ड्रम वाले सौरभ हत्याकांड की आरोपी मुस्कान को गिरफ्तार करने के बाद उसने इंस्टाग्राम पर 2 और यूट्यूब पर 2 चैनल बनाए थे। अनु ने करीब 3 महीने पहले 'सेलिना' नाम से यूट्यूब चैनल भी शुरू किया था। महिला दरोगा के सोशल मीडिया अकाउंट पर कई लाइव वीडियो, जिम और स्विमिंग पूल के वीडियो मिले हैं। प्रोफाइल में वर्दी की फोटो और बायो में ‘यूपीकॉप’ लिखा है, जबकि कुछ लाइव में क्यूआर कोड भी दिखाई देता था जिससे वह डोनेशन मनी लेती थी। मूलरूप से प्रयागराज की रहने वाली अनु 2023 बैच की सब इंस्पेक्टर हैं और मेरठ में अकेले ही रहती हैं। सस्पेंड होने के बाद अब उसके सोशल मीडिया अकाउंट पर फॉलोअर्स के कमेंट आने लगे हैं और उनका फोन बंद है।
सहकर्मियों के बयान और यूट्यूबर की शिकायत
ब्रह्मपुरी थाने और एसएसपी ऑफिस में काम करने वाले पुलिसकर्मियों का कहना है कि ड्यूटी पर उन्होंने कभी महिला दरोगा अनु को किसी से मिसबिहेव करते नहीं देखा। उन्होंने कहा कि वह हमेशा अनुशासित रहती थी और अपनी हर ड्यूटी और जिम्मेदारी को बखूबी निभाती थी। पर्सनल लाइफ में कौन क्या कर रहा है, इस पर कोई इंटरफेयर नहीं कर सकता। एक यूट्यूबर युवक ने महिला दरोगा अनु के सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर शिकायत की थी और एक वीडियो जारी किया था। यूट्यूबर ने वीडियो में कहा कि यह वीडियो एनी कॉलिस का है जो उत्तर प्रदेश पुलिस में सब इंस्पेक्टर हैं और उनके इंस्टाग्राम व यूट्यूब चैनल पर रील्स के साथ कुछ आपत्तिजनक वीडियो और डोनेशन के लिए QR कोड भी दिखाई देता है। अनु के इंस्टाग्राम अकाउंट 'एनी कॉलिस' पर 684 पोस्ट और 1016 फॉलोअर्स हैं, जबकि यू-ट्यूब पर '@annucolliss444' अकाउंट पर 1.887K सब्सक्राइबर हैं और 747 वीडियो अपलोड किए गए हैं। एक अकाउंट पर कारतूस की फोटो भी लगा रखी थी।
सौरभ हत्याकांड और विभागीय जांच
अनु वही महिला दरोगा हैं जो 2025 के सौरभ हत्याकांड में आरोपी मुस्कान को गिरफ्तार करके लाई थीं, जब वह ब्रह्मपुरी थाने में तैनात थीं और उन्होंने मुस्कान के साथ का एक वीडियो भी शेयर किया था। उत्तर प्रदेश के मेरठ में सोशल मीडिया पर एक महिला दारोगा से जुड़ा आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने के मामले में मेरठ पुलिस विभाग ने कार्रवाई करते हुए उन्हें विभागीय सोशल मीडिया नीति के उल्लंघन की रिपोर्ट सामने आने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। एक यूट्यूबर की शिकायत और वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच का दायरा बढ़ा दिया है और अधिकारियों ने वीडियो की वास्तविकता की पड़ताल की जिम्मेदारी साइबर प्रकोष्ठ को सौंपी है। पूरे प्रकरण की विभागीय जांच सीओ कार्यालय की अधिकारी सौम्या सिंह को सौंपी गई है। एसपी क्राइम मेरठ अवनीश कुमार ने बताया कि मामले में विभागीय जांच के साथ साइबर स्तर पर भी पड़ताल कराई जा रही है और जांच रिपोर्ट आने के बाद तथ्यों के आधार पर आवश्यक वैधानिक एवं विभागीय कार्रवाई की जाएगी।