Meerut House Collapse: भारी बारिश में मेरठ में गिरा मकान, 80 साल की बुजुर्ग महिला की दर्दनाक मौत

मेरठ, उत्तर प्रदेश में भारी बारिश के बीच एक मकान ढहने से 80 साल की बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया और मलबे से महिला को बाहर निकाला। यह पूरी घटना भारी मानसूनी बारिश के कारण उत्तर प्रदेश में हो रहे मकान गिरने की लगातार घटनाओं का हिस्सा है।
हाल के हफ्तों में ऐसी कई दुर्घटनाएं सामने आई हैं। अमरोहा जिले में 7 अगस्त को निर्माणाधीन छत गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई थी। वहीं 6 अगस्त को सहारनपुर में मिट्टी का घर गिरने से 35 साल की महिला की मौत हो गई थी। इसके अलावा, प्रतापगढ़ में 6 अगस्त को लगभग एक सदी पुराना मकान ढहने से एक ही परिवार के छह सदस्यों की जान चली गई थी। बागपत में 31 जुलाई को छत गिरने की एक अन्य घटना में तीन निर्माण श्रमिकों की मौत हो गई थी, जिसके बाद मकान मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।
प्रशासन की कार्रवाई और मुआवजे के ऐलान
अधिकारियों ने इन घटनाओं पर अलग-अलग कदम उठाए हैं। अमरोहा में जिला प्रशासन ने किसान दुर्घटना बीमा योजना के तहत प्रत्येक मृतक के लिए ₹5 लाख के मुआवजे की घोषणा की और अधिकारियों को बारिश के मौसम में छत की ढलाई रोकने का निर्देश दिया। सितंबर 2024 में मेरठ में हुए एक बड़े हादसे में 65 साल की महिला सहित 10 लोगों की जान चली गई थी, जिसके बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी Adityanath ने राहत कार्य तेज करने के आदेश दिए थे। प्राकृतिक आपदा कोष से प्रत्येक मृतक के लिए ₹4 लाख और पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के लिए ₹1.20 लाख के मुआवजे का प्रावधान किया गया था। स्थानीय अधिकारियों से यह भी अपेक्षा की जाती है कि वे भविष्य की त्रासदियों को रोकने के लिए अन्य जर्जर संरचनाओं की स्थिति का आकलन करें और कार्रवाई करें।