मेरठ में महिला दारोगा अनु रानी का आपत्तिजनक वीडियो वायरल, एसएसपी ने किया निलंबित

उत्तर प्रदेश के मेरठ में सोशल मीडिया से जुड़े एक मामले में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। मेरठ पुलिस विभाग ने महिला दारोगा अनु रानी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, क्योंकि उनका एक आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। विभागीय सोशल मीडिया नीति के उल्लंघन की रिपोर्ट सामने आने के बाद यह कदम उठाया गया है और इस मामले से पुलिस महकमे में हलचल बढ़ गई है। इसके अलावा, सोशल मीडिया पर महिला दरोगा का अकाउंट भी डिलीट कर दिया गया है। इस घटना की अधिक जानकारी के लिए royalbulletin.in पर रिपोर्ट साझा की गई है।
यूट्यूबर की शिकायत और वीडियो की जानकारी
एक यूट्यूबर ने महिला दारोगा के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर शिकायत करते हुए वीडियो जारी किया था। आरोप लगाया गया कि अनु रानी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लाइव आती थीं और उनके पास क्यूआर कोड भी रखा रहता था। रविवार को यूट्यूब चैनल पर लगभग 2 मिनट 58 सेकंड का यह वीडियो अपलोड किया गया था, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और डीजीपी राजीव कृष्ण को संबोधित करते हुए पुलिसकर्मियों के सोशल मीडिया आचरण पर सवाल उठाए गए थे। यूट्यूबर का दावा था कि वीडियो में दिख रही महिला पुलिसकर्मी मेरठ में तैनात है और यह पुलिस विभाग की छवि तथा सोशल मीडिया नीति का उल्लंघन है।
एसएसपी अविनाश पांडेय द्वारा जांच के आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी अविनाश पांडेय ने महिला दरोगा को निलंबित कर दिया है। प्रारंभिक तौर पर यह मामला विभाग की सोशल मीडिया नीति से जुड़ा माना जा रहा है। अब यह पता लगाया जा रहा है कि वीडियो कब और किस परिस्थिति में बनाया गया, इसे किस अकाउंट से अपलोड किया गया और इसके प्रसार की वास्तविक स्थिति क्या है। पूरे मामले की जांच साइबर सेल और सीओ ऑफिस को सौंपी गई है।
साइबर सेल और अधिकारियों द्वारा तकनीकी पड़ताल
अधिकारियों के अनुसार, वायरल वीडियो से जुड़े तथ्यों और सोशल मीडिया अकाउंट की तकनीकी जांच साइबर प्रकोष्ठ को सौंपी गई है। साइबर टीम यह भी पता लगाएगी कि वायरल सामग्री में किसी तरह की छेड़छाड़ या तकनीकी बदलाव तो नहीं किए गए हैं। इसके साथ ही, पूरे प्रकरण की विभागीय जांच सीओ कार्यालय की अधिकारी सौम्या सिंह को सौंपी गई है। एसपी क्राइम मेरठ अवनीश कुमार ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद तथ्यों के आधार पर आवश्यक वैधानिक एवं विभागीय कार्रवाई की जाएगी।