मेरठ-दिल्ली ट्रेन देरी: यात्रियों की परेशानी दूर करने के लिए सांसद ने मांगी फास्ट ईएमयू सर्विस

मेरठ और दिल्ली के बीच सफर करने वाले हजारों दैनिक यात्रियों के लिए ट्रेन की देरी एक बड़ी सिरदर्द बन चुकी है। इस समस्या को देखते हुए राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने रेल मंत्रालय से हस्तक्षेप की मांग की है। यात्रियों ने अपनी शिकायतों की एक लंबी सूची सांसद को सौंपी है, जिसमें समय की अनिश्चितता और ट्रेनों की देरी से होने वाली मुश्किलों का जिक्र किया गया है। मेरठ दिल्ली ट्रेन देरी की वजह से लोग अपने दफ्तरों और काम पर समय से नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे उनकी दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो रही है।
सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने इस गंभीर मुद्दे पर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की। उन्होंने रेल मंत्री को बताया कि दिल्ली जाने वाली ट्रेनें अक्सर दो घंटे तक लेट हो जाती हैं। इसके अलावा, मेरठ वापस आने वाली ट्रेनें आधी रात के बाद पहुंच रही हैं, जिससे यात्रियों, खासकर महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा और घर पहुंचने में काफी दिक्कतें आ रही हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए उन्होंने रेल मंत्रालय से जल्द से जल्द 'फास्ट ईएमयू' (Fast EMU) सेवाएं शुरू करने का आग्रह किया है, ताकि भीड़ कम हो और सफर तेज हो सके।
कनेक्टिविटी बढ़ाने और बुनियादी ढांचे के लिए बड़े प्रस्ताव
केवल लोकल ट्रेनों ही नहीं, बल्कि लंबी दूरी की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए भी कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं। सांसद ने मेरठ से हावड़ा के लिए एक नई ट्रेन चलाने का प्रस्ताव रखा है, जो कानपुर, प्रयागराज और पटना जैसे प्रमुख शहरों से होकर गुजरेगी। इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी भारत के बीच संपर्क मजबूत होगा।
इसके साथ ही, रेल नेटवर्क को बेहतर बनाने के लिए कुछ अन्य मांगें भी उठाई गई हैं, जिनमें शामिल हैं:
- हापुड़ रेलवे लाइन का दोहरीकरण (Doubling) किया जाए।
- मेरठ-मवाना-हस्तिनापुर रूट के लिए नई रेलवे लाइन का निर्माण हो।
- स्थानीय रेलवे अंडरपासों की स्थिति में सुधार किया जाए।
वहीं, मलियाना रेलवे क्रॉसिंग की समस्या पर रेल मंत्री ने आश्वासन दिया है कि ई-रिक्शा और बाइक के लिए एक समर्पित पुल का निर्माण जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा, जिससे स्थानीय ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी।