भारी बारिश के बीच मेरठ के दिल्ली रोड पर जलभराव जारी, अधिकारियों के दावों की खुली पोल

मेरठ के दिल्ली रोड पर भारी बारिश के दौरान गंभीर जलभराव की समस्या लगातार बनी हुई है, जिससे इस मार्ग को पानी में डूबे रहने से बचाने के पिछले आधिकारिक आश्वासन झूठे साबित हो रहे हैं। पिछले एक दशक से, यह महत्वपूर्ण सड़क और आसपास के रिहायशी इलाके मानसून के मौसम में लगातार जलमग्न होते रहे हैं। 7 अगस्त 2026 की हालिया रिपोर्ट्स में स्थानीय नालों के ओवरफ्लो होने पर "बाढ़ जैसे हालात" पैदा होने की आशंका जताई गई है, जो पहले के दावों के बिल्कुल विपरीत है।
बारिश का आंकड़ा और IMD का अलर्ट
मौजूदा मानसून सीजन में काफी ज्यादा precipitation दर्ज किया गया है, जिसमें 1 जून से 6 अगस्त 2026 के बीच मेरठ में 624 mm बारिश हुई, जो इस अवधि के सामान्य औसत से 78% अधिक है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 7 अगस्त को दिल्ली के लिए एक red alert जारी किया था, जिसमें National Capital Region (NCR) में मध्यम से भारी बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ने की भविष्यवाणी की गई थी, जिसके कारण वहां व्यापक waterlogging और traffic disruptions भी देखने को मिले।
नालों के प्रबंधन पर विवाद और प्रशासनिक कदम
इस लगातार waterlogging की वजह से Meerut Nagar Nigam और National Capital Region Transport Corporation (NCRTC) के बीच drain overflow management को लेकर विवाद सामने आया है। दिल्ली में, traffic police ने पानी से भरे रास्तों को संभालने के लिए 10 जुलाई 2026 को कर्मियों को तैनात किया था, जो Delhi-Meerut Expressway सहित 10 से अधिक city sections पर traffic jams से जुड़े कम से कम 12 कॉलों का जवाब दे रहे थे। इसके अलावा, Delhi में Public Works Department (PWD) Minister ने 7 अगस्त 2026 को National Highways Authority of India (NHAI) को NH 24 पर बार-बार होने वाली flooding की समस्याओं से निपटने के लिए road level उठाने का निर्देश दिया।