700 करोड़ का मेडिकल घोटाला: पूर्व DGHS डॉ वत्सला अग्रवाल की जमानत याचिका खारिज

Kittu Kumari17 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
700 करोड़ का मेडिकल घोटाला: पूर्व DGHS डॉ वत्सला अग्रवाल की जमानत याचिका खारिज

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने मेडिकल गुड्स की खरीद में हुए कथित 700 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने पूर्व स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक (DGHS) डॉ वत्सला अग्रवाल और डॉ विनोद कुमार रंगा की जमानत याचिकाओं को सिरे से खारिज कर दिया है। अदालत ने इस मामले की गंभीरता और जांच की जरूरत को देखते हुए यह कदम उठाया है।

विशेष न्यायाधीश (ACB) विद्या प्रकाश ने स्पष्ट किया कि आरोपियों की हिरासत जरूरी है ताकि जांच निष्पक्ष और बिना किसी बाधा के पूरी हो सके। कोर्ट को यह आशंका है कि आरोपी अपने पुराने वरिष्ठ पदों और प्रभाव का इस्तेमाल कर गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं या आधिकारिक रिकॉर्ड के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं।

जांच अभी अधूरी, चार्जशीट से नहीं मिलेगी राहत

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दोनों आरोपियों ने दलील दी थी कि जांच पूरी होने के बाद चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है, इसलिए उन्हें जमानत मिलनी चाहिए। हालांकि, कोर्ट ने इस तर्क को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि सिर्फ चार्जशीट दाखिल हो जाने का मतलब यह नहीं है कि आरोपी जमानत का हकदार हो गया है। कोर्ट ने नोट किया कि आरोपी राजीव कुमार उर्फ राजीव रंगीला और अन्य अज्ञात फर्मों व कंपनियों के खिलाफ जांच अभी भी जारी है।

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि वित्तीय लेन-देन, दस्तावेजी और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की जांच अभी बाकी है और एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की जानी है। ऐसे में आरोपियों को रिहा करना जांच प्रक्रिया में बाधा डाल सकता है।

ACB की ओर से वरिष्ठ लोक अभियोजक कुमार संजय ने जमानत का कड़ा विरोध किया। उन्होंने तर्क दिया कि यह एक 'आर्थिक अपराध' है, जिसका असर न केवल समाज पर बल्कि देश की आर्थिक स्थिति पर भी पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपियों ने मिलीभगत कर बिडिंग प्रक्रिया में कार्टलाइजेशन को बढ़ावा दिया और GeM पोर्टल के जरिए ई-प्रोक्योरमेंट के नियमों और CVC गाइडलाइंस की खुलेआम अनदेखी की, जिससे सरकार और जनता के हितों को नुकसान पहुँचाया गया।

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