MCD का बड़ा प्लान: दिल्ली की 400 से ज्यादा कॉलोनियां बनेंगी 'जीरो वेस्ट' जोन

राजधानी दिल्ली को कचरा मुक्त बनाने की दिशा में नगर निगम (MCD) ने एक बड़ा कदम उठाया है। एमसीडी अब शहर की 400 से अधिक कॉलोनियों को एमसीडी जीरो वेस्ट ड्राइव के जरिए पूरी तरह कचरा मुक्त बनाने की तैयारी कर रहा है। इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य शहर के लैंडफिल साइट्स पर बढ़ते कचरे के बोझ को कम करना और पर्यावरण को बेहतर बनाना है।
इस योजना को जमीन पर उतारने के लिए नगर निगम ने रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) के साथ हाथ मिलाया है। एमसीडी ने इन चिन्हित क्षेत्रों की आरडब्ल्यूए से संपर्क साधा है और उन्हें औपचारिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर करने के लिए आमंत्रित किया है। इस एमओयू के जरिए स्थानीय निवासियों और नगर निगम के बीच एक आधिकारिक साझेदारी होगी, जिससे कचरा प्रबंधन का काम और अधिक व्यवस्थित हो सकेगा।
कचरे के निपटारे के लिए क्या है रणनीति?
इस पूरी मुहिम का सबसे अहम हिस्सा 'सोर्स सेग्रेगेशन' यानी कचरे को उसके स्रोत पर ही अलग-अलग करना है। एमसीडी चाहता है कि गीला और सूखा कचरा घरों में ही अलग किया जाए, ताकि उसका मौके पर ही निपटारा किया जा सके। यदि कचरे की प्रोसेसिंग कॉलोनी के भीतर या पास ही हो जाती है, तो उसे शहर के बाहर स्थित बड़े कूड़े के ढेरों (लैंडफिल्स) तक ले जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
दिलचस्प बात यह है कि एमसीडी इस नए अभियान के लिए अपने पुराने अनुभवों का इस्तेमाल कर रहा है। शहर में पहले से ही 823 कॉलोनियां 'जीरो वेस्ट' मॉडल पर काम कर रही हैं। अब उन सफल कॉलोनियों की रणनीतियों और तकनीकी बारीकियों को इन नई 400 कॉलोनियों में लागू किया जाएगा, ताकि इस बार परिणाम और भी बेहतर और टिकाऊ हों।