प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए MCD का मास्टर प्लान, सड़कों पर उतरेंगी एंटी-स्मॉग गन और मशीनें

सर्दियों की दस्तक के साथ ही दिल्ली में बढ़ने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए नगर निगम (MCD) ने अपना विंटर एक्शन प्लान तैयार कर लिया है। इस बार केवल आपातकालीन उपायों पर निर्भर रहने के बजाय, सड़कों की सफाई, धूल नियंत्रण और हरियाली बढ़ाने जैसे स्थायी समाधानों पर जोर दिया जा रहा है। MCD की स्थायी समिति की चेयरपर्सन सत्य शर्मा ने बताया कि शहर को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त रखने के लिए संसाधनों को काफी बढ़ाया गया है।
प्रदूषण से निपटने के लिए MCD ने मशीनों और मैनपावर का बड़ा जाल बिछाया है। वर्तमान में करीब 57,000 सफाई मित्र 6,127 किलोमीटर लंबी सड़कों की मैन्युअल सफाई कर रहे हैं। इसके साथ ही, 66 मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनें तैनात हैं जो रोजाना करीब 180 टन धूल इकट्ठा कर रही हैं। निगम ने 70 और मशीनों का प्रस्ताव रखा है, जिनमें से 40 के लिए टेंडर जारी किया जा चुका है। साथ ही, सड़कों पर गंदगी हटाने के लिए 1,000 लिटर पिकर मशीनें लगाने की योजना है।
धूल और धुएं पर कसेगी पकड़
हवा में उड़ते धूल के कणों को कम करने के लिए MCD ने तकनीक का सहारा लिया है। सड़कों पर 167 वाटर स्प्रिंकलर्स और 28 मोबाइल एंटी-स्मॉग गन तैनात की गई हैं। इसके अलावा, वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट और डंपसाइट्स पर 20 और हाई-राइज बिल्डिंग्स पर 15 एंटी-स्मॉग गन लगाई गई हैं। हाल ही में 12 नए स्प्रिंकलर्स और गन भी खरीदी गई हैं ताकि कवरेज बढ़ाया जा सके।
सिर्फ मशीनों से ही नहीं, बल्कि सख्ती से भी प्रदूषण रोकने की तैयारी है। विंटर एक्शन प्लान के तहत संयुक्त प्रवर्तन टीमें बायोमास जलाने, निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल और अवैध डंपिंग पर कड़ी नजर रखेंगी। DPCC द्वारा पहचाने गए 46 प्रदूषण हॉटस्पॉट्स की निगरानी के लिए 11 राजस्व जिलों में नोडल अधिकारियों की तैनाती की गई है।
सड़कों की हालत सुधारने के लिए भी काम किया गया है, जिसमें 1,202 किलोमीटर सड़कों की मरम्मत और अप्रैल से अगस्त के बीच 6,797 गड्ढों को भरा गया है। पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए अप्रैल से अगस्त के बीच 4 लाख से ज्यादा पौधे लगाए गए हैं, जिनमें पेड़, झाड़ियाँ और बांस शामिल हैं। इसके अलावा, शहर के खाली पड़े 'ब्राउन पैच' इलाकों को भी हरा-भरा बनाने का लक्ष्य पूरा किया गया है।